LUCKNOW:धर्मांतरण सिंडिकेट में विदेशी फंडिंग का बड़ा नेटवर्क,छांगुर बाबा ने खोले राज

– छांगुर बाबा ने बना रखी थी चार संस्थाएं, विदेश से सीधे आती थी रकम

  • REPORT BY: AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK

लखनऊ । यूपी में धर्मांतरण प्रकरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की रिमाण्ड के तीसरे दिन पूछताछ के बाद परतें खुलती जा रही है। यूपी एटीएस की पड़ताल में सामने आया कि छांगुर बाबा को लोगों ने पीर साहब का खिताब दे रखा था। साथ ही कुछ अहम जानकारियां हाथ लगी है। जांच में सामने आया कि नीतू रोहरा उर्फ नसरीन के बैंक खातों में महज चार महीनों के भीतर करीब 14 करोड़ की विदेशी फंडिंग ट्रांसफर की गई। छांगुर बाबा ने धर्मांतरण के इस नेटवर्क को कानूनी जामा पहनाने के लिए चार अलग-अलग संस्थाएं बना रखी थीं, जिनके जरिए यह फंडिंग होती थी।

यूपी एटीएस की छानबीन में सामने आया कि धर्मांतरण सिंडिकेट में विदेशी फंडिंग का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। पता चला है कि छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों- नीतू रोहरा उर्फ नसरीन और नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन ने कई फर्जी या ट्रस्टनुमा संस्थाएं बनाई। इनमें करोड़ों की विदेशी फंडिंग हासिल की। इसी फंड का इस्तेमाल धर्मांतरण में किया गया। एटीएस और खुफिया एजेंसियों की पड़ताल में बैंक खातों व संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। छांगुर बाबा ने धर्मांतरण के खेल को अमली जामा पहनाने के लिए चार संस्थाएं बनाई थीं, इनमें आस्वी इंटरप्राइजेज, आस्वी चैरिटेबल ट्रस्ट, बाबा ताजुद्दीन आस्वी बुटीक और आसिपिया हसनी हुसैनी कलेक्शन सेंटर है। इन संस्थाओं के नाम पर वह विदेश से फंडिंग हासिल करता था, यहीं रजिस्टर्ड संस्थाओं के खातों में रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। एसबीआई के एक खाते में छांगुर बाबा को विदेश से सीधे 16 लाख रुपये की फंडिंग हुई थी। ये रकम खाते में आते ही निकाल ली जाती थी। वहीं दूसरी ओर नीतू रोहरा उर्फ नसरीन और नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन ने भी अलग-अलग बैंक अकाउंट खोलकर विदेशी फंड्स को डायवर्ट किया।

विदेशी फंडिंग से खड़ा कर दिया धर्मांतरण का नेटवर्क,खेलने लगा बड़े खेल 

एटीएस के सूत्रों का कहना है कि नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर 8 बैंक खाते हैं, जिनमें से बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में अकेले 5 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग दर्ज हुई है। इसमें बड़ी बात यह है कि सिर्फ चार महीने (24 फरवरी 2021 से 28 जून 2021) में नीतू के एक अकाउंट में 13 करोड़ 90 लाख 10 हजार रुपये विदेशी रुाोतों से ट्रांसफर हुए। इसी अवधि में 13 करोड़ 58 लाख रुपये निकाले भी गए। साथ में नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन के छह अलग-अलग बैंक खातों में फॉरेन फंडिंग मिली है। इनमें से बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में 18 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि विदेशी रुाोतों से ट्रांसफर की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि छांगुर बाबा ने उतरौला (बलरामपुर) में इसी विदेशी फंडिंग के जरिए एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी बनवाया, जिसे अब जांच एजेंसियों ने सीज कर लिया है। एटीएस अब इन खातों की मनी ट्रेल, फंडिंग के रुाोतऔर इन संगठनों के अंतरराष्ट्रीय लिंक की तह तक जाने में जुटी है।

यूपी के कई शहरों में चुपचाप चल रहा है खेल

एटीएस की पड़ताल में सामने आया कि छांगुर बाबा धर्मांतरण का खेल यूपी के कई शहरों में चल रहा है। जिसमें बरेली, आजमगढ़, हरदोई, पश्चिम के कुछ शहर भी शामिल हैं। उसके गिरोह में डॉक्टर, प्रोफेसर भी शामिल हैं। जो वक्त पर काम आते हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग छांगुर बाबा के एक इशारे पर कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं।

सातवीं पास है छांगुर बाबा,इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित उतरौला कस्बे को अपने ऑपरेशन का केंद्र बनाया

विदेशों से फंड लेकर धर्मांतरण का खेलने वाला छांगुर बाबा सिर्फ सातवीं पास है। साथ ही उसके दो आरोपी भी सातवीं पास है। कम शिक्षा होने के बावजूद आरोपियों ने इतना बड़ा सिंडिकेट संचालित किया, यह ताज्जुब की बात है। धर्मांतरण सिंडिकेट के मुख्य किरदारों में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और नीतू रोहरा उर्फ नसरीन का अहम किरदार मना जा रहा है। इन तीनों ने मिलकर इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित उतरौला कस्बे को अपने ऑपरेशन का केंद्र बनाया। यहीं से धर्मांतरण का पूरा नेटवर्क तैयार किया। सूत्रों का कहना है कि इस नेटवर्क में करोड़ों की विदेशी फंडिंग की गई, जिससे पुणे से लेकर बलरामपुर तक महंगी प्रॉपर्टी खरीदी गई। चौंकाने वाली यह है कि इन तीनों की शैक्षणिक योग्यता महज सातवीं कक्षा तक है। यह जानकारी एटीएस को इनके पासपोर्ट डिटेल्स से मिली।

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