LUCKNOW:आगरा में 15 जुलाई को आरक्षण बचाओ सम्मेलन,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:PREM SHARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS

लखनऊ। दक्षिणांचल व पूर्वाचल के 42 जनपदों के निजीकरण के मामले में आरक्षण को लेकर नया पेंच पूरी तरह फसता नजर आ रहा है।पावर ऑफिसर एसोसिएशन इसको लेकर आर पार की लड़ाई के मूड में है। दलित और पिछड़े वर्ग के संगठन पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष के नेतृत्व में 9 जुलाई को केस्को 11 जुलाई को पूर्वांचल में एक अहम बैठक आयोजित की गई। अब 15 जुलाई जुलाई को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा में 5 बजे एक प्रतिनिधि सम्मेलन बुलाया गया है। जिसमें दक्षिणांचल व पूर्वाचल के निजीकरण के फल स्वरुप समाप्त होने वाले 16000 हजार आरक्षण के पदों को बचाने के लिए आर पार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा। आगे चलाए जाने वाले आंदोलन को आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने भी पूरा समर्थन दिया है।पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कहा बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने 1934 में कहा था बिजली जैसी आवश्यक सेवाएं हमेशा सरकारी क्षेत्र में रहना चाहिए निश्चित तौर पर बाबा साहब की विचारधारा से पावर ऑफिसर एसोसिएशन अपने को जोड़कर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगी।

उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आर पी केन, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, सचिव मनोज सोनकर ने बताया की 15 जुलाई को आगरा में होने वाले आरक्षण बचाओ प्रतिनिधि सम्मेलन में बहुत ही महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए जाएंगे। उसके बाद 16000 आरक्षण के पद को बचाने के लिए व्यापक जन आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने भी पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन को पूरा समर्थन देते हुए कहा है जरूरत पड़ने पर उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी विभाग इस मुहिम में साझा रणनीति के तहत आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। किसी भी हालत में अब चुप नहीं बैठ सकते। पहले पदोन्नतियों में आरक्षण छीन गया और अब आरक्षण भी छीना जा रहा है,जो किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अगली सुनवाई में टोरेंट पावर और एनपीसीएल की खुलेगी पोल
-ऊर्जा मंत्री जनता की सुनवाई में, सुन ले उसकी हकीकत

उत्तर प्रदेश में निजीकरण के दोनों प्रयोग टोरेंट पावर व नोएडा पावर कंपनी जो पूरी तरह उपभोक्ताओं को वह लाभ नहीं दे पा रहे जो लाभ उन्हें देना चाहिए था। 15 जुलाई को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा और 16 जुलाई को नोएडा पावर कंपनी ग्रेटर नोएडा में बिजली दर की आम जनता की सुनवाई विद्युत नियामक आयोग द्वारा की जाएगी। जिसमें उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष स्वयं पहुंचकर निजीकरण के सभी खेल का खुलासें करेंगे। उन्होंने आग्रह किया कि ऊर्जा मंत्री को दोनों आम जनता की सुनवाई में आकर निजीकरण की हकीकत देखना चाहिए कि प्रदेश की जनता का क्या मंतव्य है। क्योंकि उनके द्वारा एचपीसीएल और टोरेंट पावर की विधानसभा में तारीफ मैं बड़े-बड़े कसीदे पढ़े गए थे।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा आगरा में टोरेंट पावर और ग्रेटर नोएडा में एनपीसीएल दोनों ने जितना लाभ कमाया है। उसका 5 प्रतिशत भी उपभोक्ताओं को रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत टैरिफ में नहीं दिया। जो या सिद्ध करता है कि निजी घराने केवल अपने लाभ के लिए काम करते है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री इन्हीं दोनों प्रयोग पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। उपभोक्ता परिषद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से मांग करता है कि वह दोनों बिजली दर की सुनवाई में आ जाए और दोनों प्रयोग की हकीकत देखें ले। टोरेंट पावर ने पावर कारपोरेशन का पिछला बकाया जो एग्रीमेंट के तहत वसूल कर वापस देना चाहिए था। उसने लगभग 2200 करोड़ से ज्यादा वसूल था। इसी प्रकार नोएडा पावर कंपनी में उपभोक्ता सामग्री और ट्रांसफार्मर खरीद में बड़े पैमाने पर घोटाले किए जा रहे हैं। एनपीसीएल का उच्च प्रबंधन ठेकेदारों से मिली भगत करके बड़ा लाभ कमा रहा है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कितने दुर्भाग्य की बात है कि निजीकरण के दोनों प्रयोग सरकारों द्वारा निजी गानों को देने के बाद आज तक उसकी शुध नहीं ली गई। उसकी कोई समीक्षा नहीं की गई। इससे ऐसा सिद्ध होता है कि जैसे सभी सरकारी और निजी संस्थान के साथ तालमेल करके उन्हें बड़ा लाभ कमाने की पूरी छूट देती है।जिसका खमियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ता है। उपभोक्ता परिषद ने कहा उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने टोरेंट पावर नोएडा पावर कंपनी के संबंध में उसकी सफलता आसफलता पर एक जांच कमेटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए थे जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे दबा लिया गया। उस पर भी आम जनता की सुनवाई में उपभोक्ता परिषद अपनी बात रखेगा कि सरकार में किसके दबाव पर एनपीसीएल की पत्रावली को दबा लिया गया। टोरेंट पावर की जांच रिपोर्ट शासन में धूल चाट रही है।

निजीकरण के खिलाफ 20 को लखनऊ में फेडरल काउंसिल की बैठक

आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे और सेक्रेटरी जनरल पी रथनाकर राव ने बताया कि आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय परिषद(फेडरल काउंसिल ) की बैठक 20 जुलाई को लखनऊ में होगी। फेडरल काउंसिल की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की चल रही प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी, महाराष्ट्र में समानांतर वितरण लाइसेंस के माध्यम से बिजली वितरण के निजीकरण, और टैरिफ-आधारित कंपीटीटिव बिडिंग के माध्यम से ट्रांसमिशन प्रणाली के निजीकरण, ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण, और एक राज्य के स्वामित्व वाली बिजली उत्पादन कंपनी (ळम्छब्व्) से जुड़े संयुक्त उद्यम(ज्वाइंट वेंचर ) के गठन पर चर्चा होगी।उन्होंने बताया कि सभी प्रान्तों के विद्युत अभियन्ता संघों के पदाधिकारी फेडरल काउंसिल मीटिंग में वर्तमान स्थिति का जायजा लेकर उपयुक्त आंदोलन कार्यक्रमों का निर्णय लेने के लिए दिन भर के लंबे विचार -विमर्श में भाग लेंगे।आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने यूपी और महाराष्ट्र में चल रहे निजीकरण के घटनाक्रमों पर गंभीर नोट लिया है और निजीकरण के असफल प्रयोगों को आगे बढ़ाने पर चिन्ता जताई है।

फेडरेशन ने विद्युत कर्मचरी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र द्वारा यूपी में कई स्थानों पर बिजली महापंचायत के आयोजन को समयानुकूल बताते हुए कहा कि बिजली क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उपभोक्ताओं, किसानों और अन्य हितधारकों की मदद से बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने की आवश्यकता है।अभियंता संघ के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान और महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने यहां कहा कि लखनऊ में ।प्च्म्थ् की संघीय परिषद की बैठक पिछले सात महीनों से निजीकरण के खिलाफ संघर्षरत उप्र के बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ावा देगी। फेडेरेशनकी काउंसिल मीटिंग के खुले सत्र में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, यूपी, संयुक्त किसान मोर्चा और उपभोक्ता मंच को आमंत्रित किया गया है। फेडरेशन की मीटिंग में सभी स्टेकहोल्डर्स को साथ लेकर निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष की रणनीति तय की जाएगी।

खुले नाले में मौत बाद ठेकेदार पर एफआईआर, जेई निलंबित

मल्लाही टोला प्रथम वार्ड में मंजू टंडन ढाल के पास स्थित खुले नाले में 12 जुलाई 2025 को एक युवक की गिरने से मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार स्वयं तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता एवं उनकी टीम, सुएज की टीम सहित नगर निगम के संबंधित अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर एसडीआरएफ की टीम के सहयोग से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों की खोजबीन के बाद रविवार को युवक का शव बरामद किया जा सका। इस मामले में सम्बंधित ठेकेदार पर एफआईआर और क्षेत्रीय अवर अभियंता को निलम्बित किया गया है।

नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने घटना का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए पूरे नगर निगम अमले को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी अपर नगर आयुक्तों, मुख्य अभियंता, जोनल अधिकारियों, जोनल सेनेटरी अधिकारियों, सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों समेत नगर निगम के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि पूरे शहर में विशेष अभियान चलाया जाए।इस अभियान के अंतर्गत जिन नालों और मैनहोल की सफाई की गई है, लेकिन अब तक उन्हें कवर नहीं किया गया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से कवर किया जाए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त हो चुके नालों के कवर को तत्काल सही कराया जाए। साथ ही नगर निगम द्वारा 24 घंटे नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से पूरे शहर की निगरानी की जा रही है, ताकि इस तरह की किसी भी अन्य संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।प्रथम दृष्टया जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नाले की समुचित कवरिंग न होने के लिए सफाई ठेकेदार श्री अंकित कुमार की लापरवाही है। क्षेत्रीय अभियंता की रिपोर्ट में यह लापरवाही सामने आने पर श्री अंकित कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है तथा उनकी फर्म अनिका इंटरप्राइजेज के ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई की गई है। निदेशक, स्थानीय निकाय द्वारा नगर आयुक्त की संस्तुति पर अवर अभियंता रमन कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है एवं उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित कर दी गई है।महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि नगर निगम लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

पुरानी पेंशन बहाली के राष्ट्रीय आन्दोलन का ऐलान

नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में किया गया। बैठक का संचालन राष्ट्रीय महासचिव स्थित प्रज्ञा जी ने किया। बैठक में पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन की मजबूती, टीम भावना से कार्य करने व आगामी बिहार पर वृहद चर्चा एवं विशेष रणनीति समेत कई बिन्दुओं पर परिचर्चा की गई और सभी पदाधिकारियों की सहमति से राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पास किए। जिसमें पुरानी पेंशन बहाली के लिए अगले चरण के आन्दोलन का ऐलान किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष व अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के आगामी कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा लगातार सरकारी संस्थाओं का निजीकरण किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर कम किया जा रहा है। इससे शिक्षक व कर्मचारियों में काफी निराशा हो गई है। इसी क्रम में 1अगस्त 2025 को पूरे देश में नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के बैनर तले कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी जिला मुख्यालयों पर ओपीएस लागू करने और यूपीएस,एनपीएस तथा नजीकरण रोष मार्च निकाला जाएगा। 5सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी एक साथ ओपीएस के लिए सामूहिक उपवास करेंगे। एक अक्तूबर 2025को गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय आह्वान पर सोशल मीडिया एक्स पर आल इंडिया ट्विटर कैंपेन चलाया जाएगा। इसके बाद नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के अखिल भारतीय बैनर तले 25 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में पुरानी पेंशन बहाली की मांग की जाएगी। राष्ट्रीय महासचिव स्थित प्रज्ञा ने कहा कि देश का शिक्षक व कर्मचारी सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे निजीकरण से परेशान है। इसलिए सरकार निजीकरण समाप्त करे। राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश महामंत्री डॉ नीरज त्रिपाठी ने कहा कि सरकार स्कूलों का मर्जर कर उनको शिक्षा से वंचित कर रही है। इसलिए आज उत्तर प्रदेश में एक्स पर ट्विटर अभियान चलाया गया जिसमें स्कूलों के मर्जर को समाप्त करने के लिए हुए ट्विटर अभियान में यह मुद्दा ट्रेडिंग में रहा। राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ.राजेश कुमार ने कहा कि सरकार सीमा पर देश की सुरक्षा कर रहे अर्धसैनिक बलों सहित देश के सभी शिक्षको व कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करे। ऑनलाइन बैठक में प्रमुख रूप से शांताराम तेजा,वरुण पाण्डेय, अमरीक सिंह,प्रेमसागर,परमानंद डहरिया, मंजीत राना, डॉ करमजीत, प्रेमसागर, अभिनव सिंह, दानिश इमरान समेत विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

Aaj National

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