- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। ऑल इंडिया डिस्काम एसोसियेशन जो प्रदेश की बिजली कंपनियों से उपभोक्ताओं के राजस्व के मद से लाखों करोड़ों सदस्यता शुल्क व चंदा ले रही है। उसने दिल्ली में अपना एक सचिवालय खोल रखा है। जिसमें 2 लाख 3 लाख और 4 तक भी लोग तनख्वाह ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पावर सेक्टर में काम करने वाले आने को अधिकारी वहां लाखों रुपया कमा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के राजस्व का पैसा खून पसीने की गाड़ी कमाई लाखों वेतन में बंट रही है। उपभोक्ता परिषद ने केंद्र व प्रदेश सरकार से तत्काल उठाई मांग दिल्ली स्थित संगठन का कार्यालय सील कर तत्काल सीबीआई जांच कराई जाए। बहुत से मामले आएंगे सामने जिसमें निजी घरानों को लाभ देने की साजिश बन रही है।
उत्तर प्रदेश के 42 जिलों के निजीकरण में देश के बड़े निजी घरानो को कैसे बड़ा फायदा होगा। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ऑल इंडिया डिस्काम एसोसियेशन ने अनेकों अपनी कमेटियों बना रखी है। एग्जीक्यूटिव काउंसिल बना रखी है। जिसमें पावर कारपोरेशन के सभी बिजली कंपनियों के ज्यादातर निदेशक मुख्य अभियंता अदानी पावर के एमडी टाटा पावर के सीईओ नोएडा पावर कंपनी के एमडी व अन्य बड़े निजी घरानो के उच्च अधिकारी इसमें शामिल है। आपस में सभी अनेकों मुद्दों पर ऑनलाइन व फिजिकल मीटिंग करते हैं। इससे यह पूरी तरह तय हो जाता है कि सभी लोग एक दूसरे का डाटा आधार प्रदान कर रहे हैं। बड़े गोपनीय दस्तावेज भी बहुत आसानी से निजी घराने प्राप्त कर लेंगे। जो पूरी तरह कनफ्लिक्ट आप इंटरेस्ट हितों के टकराव का मामला बनता है। उपभोक्ता के अनुसार आने वाले समय में प्रदेश के 42 दिन जनपदों के निजीकरण को सफलता पूर्वक निजी घरानों को दिलाने के लिए ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन की भूमिका अहम है। तत्काल इसकी जांच कराई जाए कि ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन की लगभग सात कमेटियां बनाई गई है। अलग-अलग मुद्दों पर जिसमें पावर कारपोरेशन के अनेकों डायरेक्टर और मुख्य अभियंता सहित निजी घरानो के लोग सदस्य के रूप में उसमें कैसे शामिल हो गए। क्या यह हितों के टकराव का मामला नहीं बनता।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा ऊर्जा क्षेत्र के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जो उच्च पदों पर बैठे लोग रिटायर्ड हो रहे हैं वह इस संगठन में बड़ा पद लेकर लाखों रुपया कमा रहे हैं। सभी बिजली कंपनियों के राजस्व का पैसा इस संगठन किसी पद पर काम कर रहे हैं। उसमे से कुछ अधिकारी जो इसमें ऑफिस में ज्वाइन किया वह मोटा वेतन प्राप्त करेंगे। डायरेक्टर प्रशासन को प्रतिमाह 2 लाख, डायरेक्टर रेगुलेटरी अफेयर्स को 3 लाख, डायरेक्टर टेक्निकल को 3 लाख, रिसर्च ऑफिसर की 80 हजार वेतन मिल रहा है। पता चला है कि डायरेक्टर जनरल साहब भी बहुत मोटा वेतन प्राप्त करते हैं। वह भाई वह प्रदेश की जनता का पैसा दिल्ली में बैठे प्राइवेट संस्था के लोग मोटा वेतन ले रहे हैं।
इंजीनियरों को डिस्कॉम एसोशिएशन ने दिया निर्देश
-पूर्व सचिव ने डिस्कॉम एसोशिएशन पर सप्लायर्स के लिए काम करने का अंदेशा जताया
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा है कि डिस्कॉम एसोशिएशन के गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य विद्युत वितरण निगमों का निजीकरण करना है और डिस्कॉम एसोशिएशन पर कंट्रोल मुख्यतया निजी घरानों और स्मार्ट मीटर सप्लायर्स का है। जबकि ऑल इण्डिया बिजली इंजीनियर फेडरेशन ने बिजली इंजीनियर्स से डिस्काम एसोसिएशन की गतिविधियों से दूर रहने के आदेश दिये है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने देश के विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मेल भेज कर कहा है कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के गठन से लेकर उत्तर प्रदेश में चल रही निजीकरण की गतिविधियों तक की उच्च स्तरीय जांच कराई जाय और निजीकरण का फैसला रद्द किया जाय। उप्र में निजीकरण और स्मार्ट मीटर के नाम पर बड़ा घोटाला चल रहा है।आज संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 274 वें दिन प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मियों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया और संकल्प लिया कि जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता तब तक आन्दोलन जारी रहेगा।
आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने बताया कि भारत सरकार के पूर्व विद्युत सचिव ई ए एस शर्मा ने फेडरेशन को मेल भेजकर संदेह व्यक्त किया है कि डिस्कॉम एसोशिएशन निजीकरण और स्मार्ट मीटर सप्लायर्स के लिए लाबीइंग करने वाली संस्था है। पूर्व विद्युत सचिव ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि यह जानते हुए भी पूर्व विद्युत सचिव श्री आलोक कुमार इस एसोसिएशन के साथ कैसे संबद्ध हैं।इस बीच ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने पूरे देश के बिजली इंजीनियरों को सचेत करते हुए कहा है कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की गतिविधियों में देश का कोई बिजली इंजीनियर हिस्सा न ले क्योंकि डिस्कॉम एसोशिएशन निजीकरण के मामले में बड़ी भूमिका का निर्वाह कर रही है। फेडरेशन ने कहा कि भारत सरकार के पूर्व विद्युत सचिव ई ए एस शर्मा के ई मेल में व्यक्त आशंका के बाद इस एसोसिएशन की गतिविधियों से दूर रहना ही उचित है।फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि निजीकरण के पीछे बड़ा घोटाला चल रहा है अतः ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की गतिविधियों में हिस्सा लेना खतरे से खाली नहीं है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने सभी प्रांतों के विद्युत अभियन्ता संघों को निर्देश दिया है कि वे यह जानकारी हासिल करें कि उनके प्रांतों के विद्युत वितरण निगमों ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन को कितनी धनराशि चंदे के नाम पर दी है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे एवं सेक्रेटरी जनरल पी रत्नाकर राव ने कहा है कि आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन का गठन देश के बिजली वितरण निगमों के निजीकरण के लिए किया गया है। डिस्कॉम एसोशिएशन में बिजली वितरण में काम करने वाली देश की लगभग सभी निजी कंपनियां शामिल हैं। यह निजी कंपनियां सरकारी विद्युत वितरण निगमों के साथ क्रिटिकल सूचनाएं और डाटा साझा कर रही है और निजीकरण करने हेतु जरूरी दस्तावेज हासिल कर रही हैं। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने बताया कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की वेबसाइट पर जाने से यह सारी गतिविधियों स्वतः स्पष्ट हो जाती है।
संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के पीछे सरकारी धन के दुरुपयोग और घोटाले के समाचार उजागर होने के बाद भी यदि निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया गया तो किसानों, तथा उपभोक्ताओं के साथ मिलकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण को निरस्त कराने हेतु व्यापक जन जागरण और आन्दोलन चलाया जाएगा।
गोमती नगर विस्तार में 14 परियोजनाओं का शिलान्यास
नगर निगम लखनऊ के जलकल विभाग द्वारा गुरुवार को गोमती नगर विस्तार, सेक्टर-4 स्थित ओएचटी परिसर, हेल्थ सिटी चौराहा पर भव्य
शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला उपस्थित रहे। तीनों जनप्रतिनिधियों महापौर सुषमा खर्कवाल, मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और विधायक योगेश शुक्ला ने लखनऊ विकास प्राधिकरण से नगर निगम को हस्तांतरित गोमती नगर विस्तार की विभिन्न 14 परियोजनाओं का विधिविधानपूर्वक पूजन कर शिलान्यास किया।
इस अवसर पर सेक्टर-1 अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता के सीडब्ल्यूआर का निर्माण 410 लाख, सेक्टर-6 अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता के सीडब्ल्यूआर का निर्माण 410 लाख, सेक्टर-4 जुराखनपुरवा/सीएमएस शहीद पथ स्थित अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर 410 लाख,सेक्टर-4 सीवरेज पम्पिंग स्टेशन के पास अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर 410 लाख, सेक्टर-5 रामकथा पार्क के पास अवर जलाशय परिसर में 660 किलोलीटर क्षमता का सीडब्ल्यूआर 410 लाख, हेल्थ सिटी विस्तार हॉस्पिटल के पास स्थित सीवरेज पम्पिंग स्टेशन का जीर्णाेद्धार 326.38 लाख, सेक्टर-4 मखदूमपुर गाँव पार्क में नया नलकूप 68.56 लाख, सेक्टर-4 सरस्वती अपार्टमेंट के पास नया नलकूप 68.56 लाख, सेक्टर-1 मखदूमपुर में नया नलकूप 68.56 लाख, सेक्टर-6 पीली कॉलोनी पार्क के पास नया नलकूप 68.56 लाख, सेक्टर-1 सुलभ आवास पम्प नं. 3 के पास नलकूप की रिबोरिंग 55.50 लाख, सेक्टर-4 जुराखनपुरवा ओएचटी के पास नलकूप की रिबोरिंग 55.50 लाख, सेक्टर-5/84 के पास नलकूप की रिबोरिंग 55.50 लाख और सेक्टर-6 ईदगाह के पास नलकूप की रिबोरिंग 55.50 लाख का विधिविधानपूर्वक पूजन कर शिलान्यास किया।मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहाकि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि लखनऊ को आधुनिक और सुसज्जित नगर के रूप में विकसित किया जाए। इन परियोजनाओं से गोमती नगर विस्तार में जलापूर्ति तंत्र मजबूत होगा और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएँ बेहतर रूप से मिलेंगी। सरकार और नगर निगम मिलकर हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने कहाकि गोमती नगर विस्तार शहर का महत्वपूर्ण और तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र है। यहाँ की जनता को स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। इन 14 परियोजनाओं के पूरा होने से नागरिकों को जलापूर्ति और सीवरेज संबंधी परेशानियों से बड़ी राहत मिलेगी। नगर निगम सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराएगा। परियोजनाएँ पूरी होने पर गोमती नगर विस्तार में जलापूर्ति की गुणवत्ता और दबाव दोनों सुधरेंगे, साथ ही सीवरेज प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कराए जाएंगे।इस अवसर पर पार्षद राजेश रावत, संजय राठौर, शैलेंद्र वर्मा, पूर्व पार्षद रामकृष्ण यादव, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार,महाप्रबंधक जलकल कुलदीप सिंह, उपविजेता अशोक कुमार, धनीराम रावत,पूर्व मंडल अध्यक्ष आनंद पांडे,पूर्व मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा गौरव राय, पूर्व प्रधान किरन विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
लोनिवि मिनिस्टीरियल एसोसिशन के पुनः संरक्षक बने सुरेन्द्र लाल श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने संघ हित और अनुभवों का लाभ लेने के लिए एक बार पुनः संघ के प्रान्तीय
संरक्षक के पद पर तीसरी सुरेन्द्र लाल श्रीवास्तव को संरक्षक मनोनीत किया है। यह जानकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष पद्मनाभ त्रिवेदी और महामंत्री जे.पी. पाण्डेय ने दी।एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमन्त गूजर बताया कि सुरेन्द्र लाल श्रीवास्तव ने लगभग पैतीस वर्ष की सेवा के दौरान जनपद, मण्डल और कई वर्षों तक एसोएिशन के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में एसोसिएशन ने कई सफल आन्दोलन कर उनका परिणाम हासिल किया। उनकी नियुक्ति पर प्रान्तीय कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल प्रसाद,प्रान्तीय उपाध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव, संगठन मंत्री प्रशान्त शर्मा, प्रान्तीय संगठन मंत्री ममता रानी, मण्डल अध्यक्ष लखनऊ आलोक कुमार राम एवं महामंत्री पवन कुमार द्विवेदी और उपाध्यक्ष संजीव सक्सेना, जनपद अध्यक्ष वीर बहादूर यादव, जनपद सचिव शंशाक शुक्ला और कोषाध्यक्ष चंदन श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कर वसूली अभियान, 3.66 लाख जमा
नगर निगम लखनऊ ने बुधवार को शहर में लंबित कर बकायों की वसूली और राजस्व वृद्धि के उद्देश्य से बड़ी सम्पत्तियों पर सघन कर वसूली अभियान चलाया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश और महापौर सुषमा खर्कवाल के मार्गदर्शन में विभिन्न जोनों में की गई। अभियान का मुख्य लक्ष्य नगर निगम की आय में वृद्धि करना और उन संपत्ति स्वामियों पर सख्ती करना रहा, जो लंबे समय से कर जमा नहीं कर रहे थे।
अभियान के दौरान जोन-1 में कई बड़े भवनों पर कार्रवाई की गई। स्टेशनरी शॉप (भवन संख्या 164/004-बीएम), किशन लाल (भवन संख्या 165/041), महफिल आरा बेगम (भवन संख्या 165/056-57/7), मोहम्मद जहूर अहमद (भवन संख्या 174/012) और राजकुमार (भवन संख्या 175/001) की सम्पत्तियों को बकाया कर न चुकाने पर सील कर दिया गया। इसी प्रकार जोन-2 क्षेत्र में भी कड़ी कार्रवाई की गई। यहां शैलेन्द्र कुमार चौधरी और सुशील कुमार चौधरी (भवन संख्या 215/343/5,5क) तथा चंद्रशेखर त्रिवेदी (भवन संख्या 278/066ख) की संपत्तियों को सील किया गया। वहीं अजगर पुत्र मोहम्मद (भवन संख्या 278/084घ) और राम चरन (भवन संख्या 269/012) से 30,000-30,000 की वसूली की गई। इसी क्षेत्र में ओमप्रकाश (भवन संख्या 274/075) से 85,000 की वसूली कर नगर निगम की तिजोरी में जमा कराई गई। जोन-3 में भी कई बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाया गया। शुभद्रा देवी (भवन संख्या 499/180, हसनगंज) से 20,000 की वसूली की गई। शहनाई गेस्ट हाउस (भवन संख्या 503/659-सीसी, बरौलिया) से 15,000, सिराज अहमद (भवन संख्या 498/012/001, फैजाबाद रोड) से 21,000, मुनीर आलम खान (भवन संख्या 504/058, टैगोर मार्ग) से 64,411.20, सईद अहमद (भवन संख्या 498/045, फैजाबाद रोड) से 68,195.39 और शरफत अली (भवन संख्या 498/143/62, फैजाबाद रोड) से 33,196 की वसूली की गई। नगर निगम के इस विशेष अभियान में तीनों जोनों से कुल 3,66,802.59 की वसूली की गई। जिन भवन स्वामियों ने बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी कर का भुगतान नहीं किया, उनकी संपत्तियों को सील कर दिया गया है।
निविदा,संविदा कर्मचारी और प्रबंधन की वार्ता स्थागित
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ व पावर कॉरपोरेशन प्रबन्धन के बीच होने वाली वार्ता स्थगित यह जानकारी प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने दी।पावर कार्पाेरेशन प्रबंधन व संगठन पदाधिकारियों के बीच होने वाली वार्ता को पावर कॉरपोरेशन प्रबन्धन द्वारा बिना कोई कारण बताए स्थगित कर दिया गया जिसकी सूचना पावर कॉरपोरेशन द्वारा देर रात में दी गई। पावर कॉरपोरेशन प्रबन्धन द्वारा बार-बार वार्ता का समय निर्धारित करने और उसे बिना कोई कारण बताए स्थगित कर दिए जाने से बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जिसको ध्यान में रखकर संगठन द्वारा 8 सितम्बर 2025 को उर्जा मंत्री ए के शर्मा जी से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मिलकर कर्मचारियों कि समस्याओं से अवगत कराने के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दिया गया है। जिसमें प्रदेश के भिन्न-भिन्न जनपदों से चलकर आए बिजली के आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा भाग लिया जाएगा।
