-अब तक गोकशी के 699 मुकदमे हुए दर्ज, नामजद 2,279 आरोपी भेजे जा चुके जेल
-गोकशी के अपराध में शामिल 539 आरोपियों के विरुद्ध लगा गुंडा एक्ट, 06 के विरुद्ध लगा एनएसए
- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। यूपी में गौतस्करों पर यूपी पुलिस कड़ा एक्शन ले रही है।अब उनके द्वारा तैयार किये गये गैंग को भी नेस्तनाबूत करने की तैयारी है। गैंग चार्ट तैयार कर समूल नाश की योजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है।यूपी में अब तक गोकशी के 699 मुकदमे दर्ज किये गये है। इन मुकदमो में नामजद 2,279 आरोपियों को यूपी पुलिस नें गिरफ्तार कर जेल भेजा है।पुलिस कार्रवाई से घबराये 539 आरोपियों ने लगातार बढ़ते दबाव के चलते न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।कई आरोपी प्रदेश की सीमा को छोड़ कर दूसरे प्रदेश में शरण लिए हुए है। पुलिस उनकी भी गिरफ्तारी में लगी हुईं है।
यूपी पुलिस के आंकड़े बताते है कि 01 जनवरी 2024 से 31 अगस्त 2025 के मध्य गोकशी एवं गौतस्करी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई।यूपी पुलिस के आंकड़े बताते है कि इस अवधि में गोकशी के प्रदेश भर में कुल 699 मुकदमे दर्ज हुए है।इन मुकदमो के 2,279 आरोपी अब तक गिरफ्तार किये गये है।वही 539 आरोपियों नें पुलिस के बढ़ते दबाव से न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है।यूपी पुलिस के आंकड़े बताते है कि इस अवधि में गौतस्करी के कुल 1200 मुकदमे दर्ज हुए है। जिसमें 2709 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एवं 568 आरोपियों नें पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
यूपी पुलिस के आंकड़े बताते है कि गोकशी के अपराध में शामिल 539 आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट, 06 आरोपियों के विरुद्ध एनएसए लगाया गया है। यूपी पुलिस नें 467 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली है।इसके अलावा यूपी पुलिस नें 781आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में कार्यवाही की गई है। वही गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत गौ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई कर कुल 09 करोड़ 19 लाख 87 हजार मूल्य की संपत्ति को भी जप्त किया है।आकड़ो की मानें तो यूपी पुलिस नें गौतस्करी के अपराध में संलिप्त 476 आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट और 09 आरोपियों के विरुद्ध एनएसए और 288 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई, 1328 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में कार्यवाही करते हुए गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत इन की कुल 09 करोड़ 97 लाख 43 हजार मूल्य की संपत्ति जप्त की गई है।
