-हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं-सीएम
-आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए माध्यम तलाशें नगर निकाय
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय अपनी कार्ययोजना में नवाचार को स्थान दे और ईज़ ऑफ लिविंग
की अवधारणा के साथ नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को केंद्र में रखे। उन्होंने कहा है कि शहरी विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि हर नगर स्मार्ट सेवाओं, हरीतिमा विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था और डिजिटल पहुँच का आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर नगरीय निकाय को आय सृजन के नए माध्यम बनाने होंगे। अपनी कार्ययोजना बनाते समय सभी निकायों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और नागरिकों को इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाएं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोमवार को ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों व पार्षदों तथा 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे।
की अवधारणा के साथ नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को केंद्र में रखे। उन्होंने कहा है कि शहरी विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि हर नगर स्मार्ट सेवाओं, हरीतिमा विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था और डिजिटल पहुँच का आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर नगरीय निकाय को आय सृजन के नए माध्यम बनाने होंगे। अपनी कार्ययोजना बनाते समय सभी निकायों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और नागरिकों को इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाएं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोमवार को ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों व पार्षदों तथा 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में नगर निकायों की भूमिका सबसे अहम है। हर नगर निकाय को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने नगर को स्वच्छ, आधुनिक, सुगठित और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कमी न छोड़े।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस राष्ट्रीय यात्रा का अग्रणी राज्य है। बीते साढ़े 8 वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। 127 से अधिक नए नगर निकायों का सृजन और पुनर्गठन, 17 स्मार्ट सिटी का विकास, ईगवर्नेंस सेवाओं का विस्तार, मेट्रो, आरआरटीएस और रोपवे जैसे आधुनिक परिवहन के प्रयास तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवरेज की नई योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम ने अपने म्युनिसिपल बांड जारी किए। हर नगरीय निकाय ने ढाई से तीन गुना तक आय बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश की शहरी आबादी कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में नगर निकायों को अपनी सोच और कार्यशैली दोनों को बदलना होगा। शहरी विकास की योजनाएँ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर ही तैयार करनी होंगी। नगर निगमों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के बहुआयामी उपयोग के बारे में जानकारी दी।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल के पंच प्रण’ को दोहराते हुए ‘विकसित यूपी@2047’ का विज़न साझा किया। हर नागरिक को इनसे जुड़ना होगा। विकसित यूपी अभियान के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह रोडमैप अर्थशक्ति, सृजनशक्ति, जीवनशक्ति के तीन स्तंभों पर आधारित है। इसके तहत निर्धारित 12 सेक्टर के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना है।
कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़ी एक वीडियो फ़िल्म प्रदर्शित की गई। क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया का परिचय कराया गया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे उनके द्वारा इस अभियान से संबंधित भेजे गए पत्र को विभिन्न बैठकों और सभाओं में अनिवार्य रूप से पढ़ें ताकि सरकार का संदेश हर नागरिक तक पहुँचे। जनप्रतिनिधियों को इसे आम चर्चा का विषय बनाने के लिए प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि नगरीय निकायों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, नगर विकास और नियोजन विभाग इस संबंध में आवश्यक प्रबंध करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सुझाव जरूर प्राप्त हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्मरणीय दस्तावेज होगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच श्रेष्ठ सुझावों को सम्मानित किया जाएगा। अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही प्राप्त हो सकेगा। अब तक 12 लाख नागरिक अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। इन सुझावों का सारांश भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा। यह प्रक्रिया केवल अभिमत संग्रहण नहीं है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं को राज्य की नीतियों में शामिल करने का ऐतिहासिक प्रयास है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाअष्टमी एवं महानवमी पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी एवं महानवमी पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं
शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जगत की समस्त व्यवस्थाओं को आदिशक्ति भगवती संचालित करती हैं। इनके अनंत रूप हैं। आदिशक्ति प्रधान नौ रूपों में नवदुर्गा बनकर चराचर जगत पर करुणा की वर्षा करती हैं। नवरात्रि में माँ के इन नौ रूपों का पूजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव से किया जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि में माँ दुर्गा की आराधना मातृशक्ति के प्रति सनातन परम्परा के सम्मान का प्रतीक है। नवरात्रि में महाअष्टमी एवं महानवमी पर भक्त कन्या पूजन करते हैं। नवरात्रि का पर्व केवल व्रत और उपवास का नहींबल्कि नारी शक्ति और कन्याओं के सम्मान का भी पर्व है। यह पर्व मातृशक्ति के प्रति भारत की भावना का प्रभावी प्रतिनिधित्व करता है।
शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जगत की समस्त व्यवस्थाओं को आदिशक्ति भगवती संचालित करती हैं। इनके अनंत रूप हैं। आदिशक्ति प्रधान नौ रूपों में नवदुर्गा बनकर चराचर जगत पर करुणा की वर्षा करती हैं। नवरात्रि में माँ के इन नौ रूपों का पूजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव से किया जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि में माँ दुर्गा की आराधना मातृशक्ति के प्रति सनातन परम्परा के सम्मान का प्रतीक है। नवरात्रि में महाअष्टमी एवं महानवमी पर भक्त कन्या पूजन करते हैं। नवरात्रि का पर्व केवल व्रत और उपवास का नहींबल्कि नारी शक्ति और कन्याओं के सम्मान का भी पर्व है। यह पर्व मातृशक्ति के प्रति भारत की भावना का प्रभावी प्रतिनिधित्व करता है।
बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हुए योगी,कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल
-शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री
-नर सेवा ही नारायण सेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही प्रदेश सरकार–योगी
शक्ति स्वरूपा मां जगतजननी की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रूप देख द्रवित मां के कलेजे ने उन्हें
खूब आशीर्वाद दिया। मां की जुबां में दर्द था लेकिन आंखों में उस समय सुकून आ गया, जब वह अपना दर्द यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ से बयां कर ली। नर सेवा को नारायण सेवा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हो गए। सीएम योगी ने तत्काल उनके कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। दर-दर भटक रही कानपुर की गरीब महिला के लिए शारदीय नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह आज सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। कानपुर के रायपुरवा की 63-64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि महाराज, हमारे जवान बेटे को कैंसर हो गया है। हम गरीब हैं, इलाज नहीं करा पा रहे। हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए। इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिल जाए। बुजुर्ग महिला की बात सुन मुख्यमंत्री ने तत्काल बच्चे को कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियिलिटी इंस्टीट्यूट भिजवाने और उपचार प्रारंभ कराने का निर्देश दिया।सीएम के निर्देश पर ‘जनता दर्शन’ से सीधे उसे अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी जांच प्रारंभ हो गई।
खूब आशीर्वाद दिया। मां की जुबां में दर्द था लेकिन आंखों में उस समय सुकून आ गया, जब वह अपना दर्द यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ से बयां कर ली। नर सेवा को नारायण सेवा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हो गए। सीएम योगी ने तत्काल उनके कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। दर-दर भटक रही कानपुर की गरीब महिला के लिए शारदीय नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह आज सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। कानपुर के रायपुरवा की 63-64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री से कहा कि महाराज, हमारे जवान बेटे को कैंसर हो गया है। हम गरीब हैं, इलाज नहीं करा पा रहे। हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए। इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिल जाए। बुजुर्ग महिला की बात सुन मुख्यमंत्री ने तत्काल बच्चे को कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियिलिटी इंस्टीट्यूट भिजवाने और उपचार प्रारंभ कराने का निर्देश दिया।सीएम के निर्देश पर ‘जनता दर्शन’ से सीधे उसे अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी जांच प्रारंभ हो गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर सेवा, नारायण सेवा को अंगीकृत कर कार्य कर रही है। सभी प्रदेशवासियों के चेहरे पर खुशी लाना सरकार का उद्देश्य है। इसे लेकर ही सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के लिए किसी भी पीड़ित ने स्वयं, जनप्रतिनिधि या किसी भी माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, उसे सहायता उपलब्ध कराई गई है। हमारी सरकार हर पीड़ित के साथ है। इलाज के लिए सरकार आगे भी आर्थिक सहायता निरंतर रूप से उपलब्ध कराती रहेगी।’जनता दर्शन’ में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने बच्चों को चॉकलेट-टॉफी प्रदान की।
शिवपाल यादव से मिले पिछडा दलित विकास महासंघ के जिलाध्यक्ष
पिछड़ा दलित विकास महासंघ व यादव महासभा गाजीपुर के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री शिवपाल यादव से मुलाकात की। यह मुलाकात पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी को बहुत ताकत देगी। शिवपाल यादव इस समय पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। इसके बाद सुजीत यादव और उनकी पत्नी पुनीता सिंह खुशबू ने सपा मुख्यालय पर कार्यालय प्रभारी पूर्व एमएलसी रामवृक्ष यादव से भेंट की और नवरात्रि की बधाई दी। मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया है, जहां सुजीत यादव ने अपने समाज के लोगों से स्नेह प्राप्त किया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का 18 अक्टूबर को जनपद स्तर पर होगा प्रदर्शन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का कर्मचारी जागरण अभियान 4 सितंबर से लगातार चल रहा है।प्रदेश के सभी जनपदों में भोजन अवकाश के
समय परिषद के पदाधिकारी जनपदीय कार्यालयों में जाकर कर्मचारियों से संपर्क कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की उदासीनता से अवगत करा रहे हैं। मिर्जापुर, वाराणसी, सुल्तानपुर, महोबा हमीरपुर, गोरखपुर, कानपुर , सहित सभी जनपद शाखाओं के कार्यक्रम सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित प्रसारित किए जा रहे हैं। संयुक्त परिषद से संबद्ध रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ, आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन, यू पी सिविल फूड एंड सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन, डिप्लोमा लैब टेक्नीशियन संघ मध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ , नगरीय परिवहन संविदा कर्मचारी परिषद, चकबंदी अधिकारी संघ, फाइलेरिया इंस्पेक्टर्स एसोसिएशन, एक्सरे टेक्नीशियन एसोसिएशन, ईसीजी टेक्नीशियन एसोसिएशन, इलेक्ट्रिशियन संघ, कीट संग्रह कर्ता संघ सहित सभी संगठनों के पदाधिकारी कर्मचारी जागरण अभियान में लगे हैं। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी महामंत्री अरुणा शुक्ला उपाध्यक्ष त्रिलोकीनाथ चौरसिया डीके त्रिपाठी ने कर्मचारी जागरण अभियान की समीक्षा की और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि 18 अक्टूबर को जनपद मुख्यालय पर कर्मचारी धरना प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को मांगों का ज्ञापन भेजेंगे। 18 माह से मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक के स्तर पर वार्ता नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारियों की मांगे ठंडे बस्ते में चली जा रही है। अधिकारी कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया बनाए हुए हैं। कर्मचारियों का शोषण चरम पर है।
समय परिषद के पदाधिकारी जनपदीय कार्यालयों में जाकर कर्मचारियों से संपर्क कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की उदासीनता से अवगत करा रहे हैं। मिर्जापुर, वाराणसी, सुल्तानपुर, महोबा हमीरपुर, गोरखपुर, कानपुर , सहित सभी जनपद शाखाओं के कार्यक्रम सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित प्रसारित किए जा रहे हैं। संयुक्त परिषद से संबद्ध रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ, आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन, यू पी सिविल फूड एंड सिविल सप्लाईज इंस्पेक्टर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन, डिप्लोमा लैब टेक्नीशियन संघ मध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ , नगरीय परिवहन संविदा कर्मचारी परिषद, चकबंदी अधिकारी संघ, फाइलेरिया इंस्पेक्टर्स एसोसिएशन, एक्सरे टेक्नीशियन एसोसिएशन, ईसीजी टेक्नीशियन एसोसिएशन, इलेक्ट्रिशियन संघ, कीट संग्रह कर्ता संघ सहित सभी संगठनों के पदाधिकारी कर्मचारी जागरण अभियान में लगे हैं। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी महामंत्री अरुणा शुक्ला उपाध्यक्ष त्रिलोकीनाथ चौरसिया डीके त्रिपाठी ने कर्मचारी जागरण अभियान की समीक्षा की और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि 18 अक्टूबर को जनपद मुख्यालय पर कर्मचारी धरना प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को मांगों का ज्ञापन भेजेंगे। 18 माह से मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक के स्तर पर वार्ता नहीं हुई है, जिसके कारण कर्मचारियों की मांगे ठंडे बस्ते में चली जा रही है। अधिकारी कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया बनाए हुए हैं। कर्मचारियों का शोषण चरम पर है।‘जनता की बात, उप मुख्यमंत्री के साथ’,जनता दर्शन जन संवाद का सशक्त माध्यम
-हर व्यक्ति को न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता व प्राथमिकता- मौर्य
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैम्प कार्यालय पर जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों
से आए कई सैकड़ा लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, वृद्धजन व युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। अधिकतर प्रकरणों में भूमि विवाद, राजस्व संबंधित मुद्दे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी की समस्याएं, पुलिस कार्यवाही से सम्बन्धित, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मामले रहे।
से आए कई सैकड़ा लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, वृद्धजन व युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। अधिकतर प्रकरणों में भूमि विवाद, राजस्व संबंधित मुद्दे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी की समस्याएं, पुलिस कार्यवाही से सम्बन्धित, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मामले रहे।श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न हो। जिन मामलों में आवश्यक हो, वहां मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए, पीड़ितों को समयबद्ध राहत प्रदान की जाए। जरूरतमंदों व पात्र लोगों को हर सम्भव सरकारी सुविधाओं का भरपूर लाभ मिलना ही चाहिए। सरकार आम जनता की भलाई के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और जनहित सर्वोपरि है।श्री मौर्य ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सरकार हर संभव कदम उठाएगी और कोई भी पीड़ित निराश न लौटे,यही प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।श्री मौर्य ने जनता दर्शन में आये फरियादियों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि हर व्यक्ति की हर समस्या का हर सम्भव निदान किया जायेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक फरियादी की समस्या का त्वरित व संतुष्टिपरक समाधान किया जाय। निर्देश दिए कि समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान किया जाय और समस्याओं के समाधान हेतु सम्बन्धित की जवाबदेही तय होनी चाहिये। निर्देश दिए कि जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि उत्पीड़न , भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को बेहद गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ हल किया जाय और जहां जरूरत हो, कठोर कार्यवाही की जाय।उन्होने जनसुनवाई के दौरान एक-एक व्यक्ति की समस्या को पूरी गम्भीरता से सुना तथा समस्याओं के निराकरण हेतु सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। फरियादियों को विश्वास दिलाते हुये कहा कि परेशान न हो, समस्याओं का समाधान भी होगा, सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाएं भी मिलेंगी।
उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि समस्याओं का निराकरण इस प्रकार किया जाय कि समस्याग्रस्त व्यक्ति पूरी तरह से संतुष्ट रहें और उन्हें दुबारा कहीं भटकना न पड़े और बार -बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने महिलाओं, दिव्यांग जनो, बुजुर्गों आदि की समस्याओं व शिकायतों को सुना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से निदान करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए ।उप मुख्यमंत्री फरियादियों के पास खुद चलकर गये और एक- एक व्यक्ति की समस्या को उनसे सीधे संवाद करते हुए सुना ।जनता दर्शन मे 3 दर्जन से अधिक ज़िलों से आये लोगों ने समस्याएं रखी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समस्याओं के निस्तारण के बावत गोंडा मिर्जापुर मेरठअंबेडकरनगर श्रावस्ती बाराबंकी, व कौशांबी के जिलाधिकारीबनारस के पुलिस कमिश्नर व शासन के उच्चाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता करते हुए दिशा निर्देश दिए। जमीन सम्बन्धी अधिकांश प्रकरणों में उन्होंने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जाय और सार्थक समाधान कराया जाय।
बीजेपी ने शुरू किया आत्मनिर्भर भारत और हर घर स्वदेशी अभियान,25 सितम्बर से 25 दिसम्बर तक आत्मनिर्भर भारत अभियान चलेगा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हुए कहा कि
“आत्मनिर्भर भारत केवल नीति नहीं 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और संकल्प है। कोविड संकट से लेकर आज तक भारत ने दिखा दिया है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भरता ही राष्ट्र की शक्ति बनती है। श्री चौधरी ने पार्टी के सूबाई दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा ने 25 सितम्बर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से 25 दिसम्बर अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक आत्मनिर्भर भारत और हर घर स्वदेशी नामक राष्ट्रव्यापी 90 दिवसीय अभियान शुरू किया है।अभियान का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आत्मनिर्भर भारत के मार्ग को मजबूत करना, जिसके मूल में स्वदेशी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों से आह्वान किया है कि वे जो भी खरीदें, वह देश में ही बना हो मेक इन इंडिया और ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है‘ का बोर्ड हर दुकान पर लगे। इसका अर्थ है भारत में बने उत्पादों और भारतीय कौशल को प्राथमिकता देना है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि स्वदेशी का मंत्र नया नही है। 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में और आजादी की लड़ाई के दौरान भी स्वदेशी आन्दोलन आधार बना था। ‘वोकल फॉर लोकल‘ मंत्र के कारण कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है। यूपीए के समय खादी की बिक्री 31,000 करोड़ से बढ़कर अब 1,70,000 करोड़ रूपये हो गई है। मोबाइल निर्माण की 2014 में केवल 2 कंपनियां थी जो अब बढ़कर 300 फैक्ट्रिया हो गई है और 99.2 मोबाइल ‘मेड इन इंडिया‘ है। मोबाइल का निर्यात 1500 करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रूपये हो गया है। खिलौनों के आयात में भी 52 प्रतिशत की कमी आई है और भारत ट्रैक्टर निर्माण में विश्व में नंबर वन है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और पिछले चार वर्षों से सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने अभियान की रूपरेखा और गतिविधियों पर चर्चा करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य स्वदेशी को एक जन आन्दोलन और राष्ट्रीय आन्दोलन बनाना है, जिसमें हर नागरिक को जोड़ा जाए। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। 1000 से अधिक स्वदेशी मेले लगाये जायेंगे और 500 से अधिक आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ और पदयात्राएं निकाली जाएगी। घर-घर जाकर स्वदेशी के स्टीकर लगाना और हर घर के लोगों से स्वदेशी वस्तुएं खरीदने का संकल्प पत्र भरवाना भी करवाया जाएगा। वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी के फायदों के बारे में जन-जन से जागरूकता फैलाने का कार्य अभियान के दौरान होगा। स्वदेशी कॉर्नर बनाने के लिए निवेदन करना और जो स्वदेशी सामान बेचेंगे उन्हें प्रमाण पत्र देने का भी अभियान चलाया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत युवा सम्मेलन, महिला सम्मेलन, व्यापारी सम्मेलन, कॉलेजों में कार्यक्रम, क्विज, निबंध प्रतियोगिताएं और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन कियाजाएगा। आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप में चार स्तम्भ बताए गए है जिनमें मजबूत अर्थव्यवस्था, हाई-जीडीपी विकास दर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा। विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर यूपीए के समय के 3.5 लाख करोड़ की तुलना में आज 11 लाख करोड रूपये खर्च, जिसके कारण एयरपोर्ट, रोड नेटवर्क और हाई-स्पीड ट्रेन वदे भारत में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। सरल और पारदर्शी प्रणाली कर प्रणाली के अन्तर्गत 1,550 से अधिक पुराने कानूनों को समाप्त करना, 35,000 से अधिक कंप्लायंसेस को कम करना, और जीएसटी लागू करना। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्टार्टअप्स 500 से बढ़कर 1,59,000 में वृद्धि हुई है। 2023-24 में 4.9 करोड़ रोज़गार सृजित हुए यूपीए के समय के रोजगार सृजन से पाँच गुना अधिक। मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि के तहत बिना गारंटी के ऋण से युवाओं और स्ट्रीट वेंडरों को लाभ मिला है। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवा, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत वैश्विक केंद्र बन रहा है। ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ की नीति से विदेशी निवेश आकर्षित हो रहा है। 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता भारत, आत्मनिर्भरता का मजबूत प्रमाण है। आत्मनिर्भर भारत का मूल आधार किसान है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्राकृतिक खेती और डिजिटल खेती जैसे कदमों से भारत कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुआ है। गाँव-गाँव स्वरोज़गार और “वोकल फॉर लोकल” से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में आज भारत स्टार्टअप नेशन बन चुका है। स्टैंडअप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया-युवा शक्ति की आत्मनिर्भरता की पहचान बन रहे है। आत्मनिर्भर भारतअभियान में “नारी शक्ति” को केंद्र में रखा गया। महिला स्वयं सहायता समूहों, मुद्रा योजना और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक सुधार का परिणाम रहा कि भारत अब हथियार आयात करने वाला नहीं, बल्कि निर्यात करने वाला राष्ट्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ने भारत को केवल आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि विश्वसनीय साझेदार बनाया है। आज भारत वैश्विक सप्लाई चेन का मज़बूत स्तंभ है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत “विश्व गुरु” बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-आंदोलन बन रहा है।उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा,कोई गलती करेगा तो एक्शन जरूर होगा।
“आत्मनिर्भर भारत केवल नीति नहीं 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और संकल्प है। कोविड संकट से लेकर आज तक भारत ने दिखा दिया है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भरता ही राष्ट्र की शक्ति बनती है। श्री चौधरी ने पार्टी के सूबाई दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा ने 25 सितम्बर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से 25 दिसम्बर अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक आत्मनिर्भर भारत और हर घर स्वदेशी नामक राष्ट्रव्यापी 90 दिवसीय अभियान शुरू किया है।अभियान का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आत्मनिर्भर भारत के मार्ग को मजबूत करना, जिसके मूल में स्वदेशी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों से आह्वान किया है कि वे जो भी खरीदें, वह देश में ही बना हो मेक इन इंडिया और ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है‘ का बोर्ड हर दुकान पर लगे। इसका अर्थ है भारत में बने उत्पादों और भारतीय कौशल को प्राथमिकता देना है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि स्वदेशी का मंत्र नया नही है। 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में और आजादी की लड़ाई के दौरान भी स्वदेशी आन्दोलन आधार बना था। ‘वोकल फॉर लोकल‘ मंत्र के कारण कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है। यूपीए के समय खादी की बिक्री 31,000 करोड़ से बढ़कर अब 1,70,000 करोड़ रूपये हो गई है। मोबाइल निर्माण की 2014 में केवल 2 कंपनियां थी जो अब बढ़कर 300 फैक्ट्रिया हो गई है और 99.2 मोबाइल ‘मेड इन इंडिया‘ है। मोबाइल का निर्यात 1500 करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ रूपये हो गया है। खिलौनों के आयात में भी 52 प्रतिशत की कमी आई है और भारत ट्रैक्टर निर्माण में विश्व में नंबर वन है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और पिछले चार वर्षों से सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने अभियान की रूपरेखा और गतिविधियों पर चर्चा करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य स्वदेशी को एक जन आन्दोलन और राष्ट्रीय आन्दोलन बनाना है, जिसमें हर नागरिक को जोड़ा जाए। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। 1000 से अधिक स्वदेशी मेले लगाये जायेंगे और 500 से अधिक आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ और पदयात्राएं निकाली जाएगी। घर-घर जाकर स्वदेशी के स्टीकर लगाना और हर घर के लोगों से स्वदेशी वस्तुएं खरीदने का संकल्प पत्र भरवाना भी करवाया जाएगा। वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी के फायदों के बारे में जन-जन से जागरूकता फैलाने का कार्य अभियान के दौरान होगा। स्वदेशी कॉर्नर बनाने के लिए निवेदन करना और जो स्वदेशी सामान बेचेंगे उन्हें प्रमाण पत्र देने का भी अभियान चलाया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत युवा सम्मेलन, महिला सम्मेलन, व्यापारी सम्मेलन, कॉलेजों में कार्यक्रम, क्विज, निबंध प्रतियोगिताएं और हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन कियाजाएगा। आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप में चार स्तम्भ बताए गए है जिनमें मजबूत अर्थव्यवस्था, हाई-जीडीपी विकास दर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा। विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर यूपीए के समय के 3.5 लाख करोड़ की तुलना में आज 11 लाख करोड रूपये खर्च, जिसके कारण एयरपोर्ट, रोड नेटवर्क और हाई-स्पीड ट्रेन वदे भारत में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। सरल और पारदर्शी प्रणाली कर प्रणाली के अन्तर्गत 1,550 से अधिक पुराने कानूनों को समाप्त करना, 35,000 से अधिक कंप्लायंसेस को कम करना, और जीएसटी लागू करना। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्टार्टअप्स 500 से बढ़कर 1,59,000 में वृद्धि हुई है। 2023-24 में 4.9 करोड़ रोज़गार सृजित हुए यूपीए के समय के रोजगार सृजन से पाँच गुना अधिक। मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि के तहत बिना गारंटी के ऋण से युवाओं और स्ट्रीट वेंडरों को लाभ मिला है। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं से मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवा, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत वैश्विक केंद्र बन रहा है। ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ की नीति से विदेशी निवेश आकर्षित हो रहा है। 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता भारत, आत्मनिर्भरता का मजबूत प्रमाण है। आत्मनिर्भर भारत का मूल आधार किसान है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्राकृतिक खेती और डिजिटल खेती जैसे कदमों से भारत कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुआ है। गाँव-गाँव स्वरोज़गार और “वोकल फॉर लोकल” से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मज़बूत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में आज भारत स्टार्टअप नेशन बन चुका है। स्टैंडअप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया-युवा शक्ति की आत्मनिर्भरता की पहचान बन रहे है। आत्मनिर्भर भारतअभियान में “नारी शक्ति” को केंद्र में रखा गया। महिला स्वयं सहायता समूहों, मुद्रा योजना और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक सुधार का परिणाम रहा कि भारत अब हथियार आयात करने वाला नहीं, बल्कि निर्यात करने वाला राष्ट्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ने भारत को केवल आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि विश्वसनीय साझेदार बनाया है। आज भारत वैश्विक सप्लाई चेन का मज़बूत स्तंभ है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत “विश्व गुरु” बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। आत्मनिर्भर भारत केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन-आंदोलन बन रहा है।उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा,कोई गलती करेगा तो एक्शन जरूर होगा।डिस्ट्रिक्ट जज ने की दुर्गा मां के दरबार में अरदास
यूथ एसोसिएशन परिवार के तत्वावधान में नगर पालिका परिषद नवाबगंज बाराबंकी में सजाए गए दुर्गा मां के दरबार में आज सोमवार की सुबह डिस्ट्रिक्ट जज प्रतिमा श्रीवास्तव एवं सीजेएम सुधा सिंह ने पहुंचकर मां भगवती की पूजा- अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। सारिका गुप्ता ने जनपद न्यायाधीश एवं सीजेएम को मां की चुनरी भेंट कर उनका सम्मान किया।बंगाल से आए पुरोहित मनोतोष सरकार गांगुली ने मां के दरबार में उपस्थित भक्तों से मां के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित कराई। वहीं महिला सदस्यों सरिका गुप्ता, दर्शिका गुप्ता, रेखा बीपी दास ,सीमा शर्मा ,माया जायसवाल, ममता गुप्ता, अंशु जायसवाल, पूनम गुप्ता, कविता निगम द्वारा मां की सभी मां स्वरूप प्रतिमाओं को चाय -नाश्ता अर्पित किया गया जिसे प्रसाद के रूप में उपस्थित लोगों को वितरित किया।
मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया, 30 सितंबर को रात 7 बजे अब तक पूजा महोत्सव में संपन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए जाएंगे। सबसे अधिक पुरस्कार जीतने वाले विद्यालय को अंकों के आधार पर प्रथम, द्वितीय ,तृतीय ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
