-शुभंकर और लोगो का किया अनावरण,जम्बूरी हमारे चरित्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान होगा – खन्ना
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ।उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज भारत स्काउट और गाइड, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित 19वीं
राष्ट्रीय जम्बूरी एवं ग्राण्ड फिनाले डायमण्ड जुबली जम्बूरी 23 से 29 नवम्बर के लिए लखनऊ के डिफेन्स एक्सपो ग्राउंड, वृन्दावन योजना, सेक्टर-15 में विकसित की जा रही आधुनिक टेंट सिटी का भूमि पूजन किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बेसिक शिक्षा संदीप सिंह राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार माध्यमिक शिक्षा गुलाब देवी तथा अध्यक्ष भारत स्काउट और गाइड, उत्तर प्रदेश, एवं पूर्व जलशक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह,एवं आईएएस सेवानिवृत्त, प्रादेशिक मुख्यायुक्त, भारत स्काउट और गाइड, उत्तर प्रदेश डॉ प्रभात कुमार, शामिल हुए। इस अवसर पर श्री खन्ना ने बटन दबाकर शुभंकर और लोगो का अनावरण किया।श्री खन्ना ने कहा कि जम्बूरी भारत एवं यूपी के आने वाले भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। जिंदगी का असली उद्देश्य किसी न किसी रूप में दूसरों की जिंदगी आसान बनाना है। सेवा एवं त्याग से ही संतुष्टि मिलती है। भौतिक उपलब्धियां चाहे जितनी हो जाए, वे तात्कालिक सुख तो देती हैं परन्तु संतुष्टि केवल सेवा से ही मिल सकती है। स्काउट एवं गाइड का सिद्धांत जिंदगी के असली उद्देश्य की पूर्ति की तरफ ले जाता है। एक ऐसा व्यक्ति जो दूसरों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहे, इसी सिद्धांत को लेकर स्काउट एवं गाइड का गठन हुआ। जिन्होंने अपने मौलिक विचारों से इस संगठन की स्थापना की नींव रखी और हिन्दुस्तान में इसको व्यवहारिक रूप दिया, उन्हें बधाई देते हुए श्री खन्ना ने कहा कि आज 57 लाख लोग इस स्काउट एवं गाइड के सक्रिय सदस्य है तथा यूपी में 10 लाख लोग इससे जुड़े हैं।श्री खन्ना ने कहा कि युवाओं के शैक्षिक, अध्यात्मिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास के सिद्धांत पर यह संगठन खड़ा हुआ है। रचनात्मक सहयोग, दूसरों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार यहां तक कि व्यक्ति के प्रति संवेदनशीलता एवं प्रेम भी स्काउट एवं गाइड से जुड़े लोगों में देखने को मिलता है। बहुत सी चीजों का आधार केवल चरित्र निर्माण ही है।
यहां आयोजित होने वाली यह जम्बूरी हमारे चरित्र निर्माण में सबसे बड़ा योगदान होगा। यह केवल एक समागम नहीं है जहां केवल विश्वभर के लोग इकट्ठा होंगे बल्कि इसका उद्देश्य एक व्यक्ति को इस लायक बनाना है कि वह दूसरों की जिंदगी को आसान बना सके। यहां बहुत सी संस्कृतियों का मिलाप होगा, विभिन्न प्रांतों के लोग यहां आयेगे। सांस्कृतिक रूप से एक रहना आत्मीयता का पाठ पढ़ाना, स्वदेशी के मंत्र को आगे बढ़ाना, समावेशी विकास जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण इत्यादि का कर्तव्यबोध कराना इस जम्बूरी का उद्देश्य है। यह राष्ट्रीय जम्बूरी उत्तर प्रदेश में 61 वर्षों के बाद आयोजित हो रही है। इससे पूर्व यह आयोजन वर्ष 1964 में प्रयागराज तत्कालीन इलाहाबाद में सम्पन्न हुआ था। इसमें देशभर से लगभग 30,000 स्काउट-गाइड्स, विभिन्न देशों से 2,000 प्रतिभागी, और लगभग 3,000 अधिकारी व स्टाफ सम्मिलित होंगे, कुल मिलाकर लगभग 35,000 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।इस टेंट सिटी को आधुनिकतम सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। प्रमुख सुविधाओं में 3,500 टेंट, 1,600 शौचालय एवं स्नानागार, 35,000 क्षमता वाला एरिना, 64 रसोईघर, 100 दुकानों वाली जम्बूरी मार्केट, एडवेंचर बेस, ग्लोबल विलेज, प्रदर्शनी हॉल, 100 बिस्तरों का अस्पताल, 15 डिस्पेंसरी, 24×7 हेल्पलाइन और वाई-फाई ज़ोन शामिल हैं।यह भूमि पूजन समारोह केवल जम्बूरी की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत नहीं है, बल्कि यह युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन, भाईचारे और सामाजिक सेवा के आदर्श सिखाने का अवसर भी है। 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी उत्तर प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा और युवा शक्ति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगी।
भगवान की तरह मरीजों की करें सेवा-ब्रजेश
आयुष्मान भारत योजना के सात वर्ष पूरे होने पर केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेई कन्वेशन सेंटर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रतिभाग
किया। इस अवसर पर आयुष्मान संपर्क, आयुष्मान सारथी तथा आयुषी एआई चैट बाट का शुभारंभ किया गया। साथ ही पीएमजे हैंडबुक, आशा ई-बुक तथा आयुषमैन कॉमिक बुक का अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम में योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ निजी एवं सरकारी क्षेत्र की उन चिकित्सा इकाइयों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इस योजना में उत्कृष्ट कार्य किया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है, जिसमें अब तक 9 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत लोगों को उनकी पसंद की निजी व सरकारी दोनों ही स्वास्थ्य इकाइयों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध हो रहा है। अधिक से अधिक अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा जा रहा है, ताकि आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं तक सरल और त्वरित पहुँच मिल सके। जल्द ही तकनीक के माध्यम से आयुष्मान योजना के अंतर्गत अग्रिम अपॉइंटमेंट की सुविधा चिकित्सालयों में शुरू की जाएगी, जिससे मरीजों को लाइन में लगने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और आवश्यकतानुसार तुरंत उपचार संभव हो सकेगा।उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और पारा मेडिकल स्टाफ से अपील की कि वे मरीजों को भगवान मानकर सेवा करें, क्योंकि चिकित्सा सेवा एक पुनीत कार्य है और इसके लिए ईश्वर ने उन्हें चुना है। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है और स्वस्थ राज्य ही सही अर्थों में प्रगति कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। आज किसानों को एमएसपी व किसान सम्मान निधि से लाभ मिल रहा है, वहीं सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी निरंतर सुधार हो रहा है।
मिशन शक्ति 5.0 के कार्यक्रम में डॉ. बबीता सिंह चौहान आज होंगी शामिल
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान कल लखनऊ भ्रमण पर रहेंगी। 10ः30 पूर्वान्ह वे वन स्टॉप सेंटर, लोक बन्धु चिकित्सालय पहुँचेंगी। वे मिशन शक्ति 5.0 अन्तर्गत कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगी। कार्यक्रम के दौरान वे महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से सम्बन्धित योजनाओं की समीक्षा करेंगी और समाज में महिला सशक्तिकरण के लिए ठोस संदेश देंगी।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समय के साथ पूरा किया जाये
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन और संस्कृति विभाग से जुड़ी कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि फील्ड स्तर पर जाकर निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जायेगा। जो कार्यदायी संस्थायें स्वीकृत के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य शुरू नहीं कर पा रही हैं, उनको चिन्हित करके कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने अब तक के स्वीकृत परियोजनाओं के आगणन एवं प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति की स्थिति तथा अनारम्भ परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता हर स्तर पर सुनिश्चित की जाए।पर्यटन मंत्री आज गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने तीर्थ विकास परिषदों के कार्यों की समीक्षा की और उन्हें आवंटित परियोजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिये। इस बैठक में महानिदेशक पर्यटन राजेश कुमार द्वितीय, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, निदेशक ईको पर्यटन प्रखर मिश्र, अपर निदेशक संस्कृति सृष्टि धवन, आरटीओ मुख्यालय अंजू चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पूर्वांचल विकास निधि: मऊ के लिए 1.55 करोड़ मंजूर
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्वांचल विकास निधि राज्यांश के अंतर्गत जनपद मऊ की 4 विकास परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 1 करोड़ 55 लाख 48 हजार रूपये मंजूर किए हैं। इस संबंध में नियोजन विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए इसकी प्रति जिलाधिकारी, मऊ को प्रेषित कर दी गई है। मऊ के विधान सभा- मधुबन में विकास खण्ड बड़रॉव के ग्राम सभा उसरी खुर्द में अमिला-रौनापार मार्ग से बृजभान गोरख रामनय रंजीत के घर से जोगी बस्ती तक सीसी रोड के निर्माण कार्य हेतु 47.82 लाख रूपये, विधान सभा- मधुबन में विकास खण्ड बड़रॉव के ग्राम सभा उसरी खुर्द में डॉ बंगाली के घर से गरीब के घर होते हुए गुगुल के घर तक कवर्ड नाला कार्य हेतु 21.30 लाख रूपये, विधान सभा मधुबन में विकास खण्ड फतेहपुर मंडाव में दरौधा माधवपुर नहर से जंगबहादुर पटेल के घर होतु हुए उदयभान के खेत तक सीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 52.79 लाख रूपये तथा विधान सभा मधुबन के ग्राम सभा मीरपुर मुचलिका दरियाबाद बड़ी बनकटी मिशनगेट से छोटू चौहान के घर होते हुए श्री दुर्गामंदिर तक सीसी रोड निर्माण कार्य हेतु 60.57 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सहायता के लिए 11.78 करोड़ रूपये मंजूर
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में बाढ़ से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों परिवारों कृषकों को राहत सहायता प्रदान किये जाने एवं बाढ़ प्रबंधन से संबंधित अन्य अनुमन्य राहत कार्यों के लिए 11 करोड़ 78 लाख 65 लाख 6 सौ इकहत्तर रूपये मंजूर किये हैं। मंजूर की गयी धनराशि जिलाधिकारी को सौंप दी गयी है। अमरोहा के लिए 4 करोड़ रूपये तथा मेरठ के लिए 7 करोड़़ 78 लाख 65 लाख 6 सौ इकहत्तर रूपये मंजूर किए गए है। स्वीकृत धनराशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित जनपदीय कोषागार से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ई-पेमेन्ट के माध्यम से ही भुगतान किया जायेगा।
आपदा प्रभावितो को राहत सहायता के लिए 3.20 करोड़ रूपये मंजूर
प्रदेश के राजस्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार द्वारा घोषित विभिन्न आपदाओं से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों परिवारों को राहत सहायता प्रदान किये जाने के लिए 3 करोड़ 20 लाख रूपये मंजूर किये है। यह धनराशि राज्य आपदा मोचक निधि के तहत मंजूर की गयी है। मंजूर की गयी धनराशि संबंधित जनपद के जिलाधिकारी के निवर्तन पर रखी गयी। सहारनपुर के लिए 10 लाख रूपये, बरेली के लिए 50 लाख रूपये, अमरोहा के लिए 30 लाख रूपये तथा रायबरेली के लिए 2 करोड़ 30 लाख मंजूर किये गये हैं। शासन द्वारा निर्देश दिये गये हैं कि स्वीकृत धनराशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनपदीय कोषागार से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ई-पेमेन्ट के माध्यम से ही भुगतान किया जायेगा।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में यूपीनेडा और नगर विकास विभाग का शानदार प्रदर्शन
नोएडा में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में ऊर्जा एवं नगर विकास विभाग ने शानदार प्रदर्शन किया है। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाले
यूपीनेडा के स्टॉल तथा नगर विकास विभाग के अमृत 2.0 स्टॉल को सर्वश्रेष्ठ स्टॉल का खिताब प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की विकासशील नीतियों, नवाचारों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश को नई दिशा देने वाले प्रयासों का परिणाम है।नवीकरणीय ऊर्जा में उत्तर प्रदेश अव्वल यूपीनेडा का शानदार प्रदर्शनऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए हैं।आज यूपी पूरे देश में सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर है।अयोध्या को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया गया है।किसानों के बिजली चालित नलकूपों को सोलर नलकूपों में बदलने की दिशा में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है।पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर इंस्टॉलेशन में भी प्रदेश ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रदर्शनी में विभागीय उपलब्धियां योजनाओं व उत्तर प्रदेश को हरित प्रदेश बनाए जाने के प्रयासों को प्रस्तुत किया गया। उत्कृष्ट कार्य के कारण यूपीनेडा को पूरे देश में पहचान मिली है और यह सफलता प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है।
मुकेश वर्मा बने रालोद प्रोफेशनल मंच अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष
त्योहारों पर बढ़ाई जाय पराग की मार्केटिंग,दीपावली पर लांच करें नये प्रोडक्ट
जाए और संचालित समितियां किसी भी दशा में बंद न होने पाए। आगामी त्योहारों पर पराग की मार्केटिंग बढ़ाई जाए और दीपावली पर पराग के नये प्रोडक्ट लांच किये जाए। पराग के उत्पादों की गुणवत्ता और उपलब्धता बनायी रखी जाए, कहीं से भी किसी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने निर्देश सोमवार को विधान भवन के अपने कार्यालय कक्ष में दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिये। प्रदेश के महत्वपूर्ण एवं सार्वजनिक स्थानों पर पराग बूथ स्थापित किये जाये। त्योहारों में आमजन को पराग के सभी प्रकार के उत्पादों जिसमें दूध, दही, लड्डू, मक्खन, घी आदि की उपलब्धता के लिए अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आम जनता की अपेक्षा के अनुरूप पराग के नये उत्पादों को भी तैयार कराया जाए। वर्तमान वित्तीय वर्ष में माह सितम्बर तक 7512 दुग्ध समितियां कार्यरत हैं। जिला योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप 220 समितियों का गठन पूर्ण हो चुका है। 450 समितियों के पुनर्गठन के लक्ष्य के सापेक्ष 393 समितियों का पुनर्गठन पूर्ण हो चुका है। नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत 2250 समितियों के गठन के लक्ष्य के सापेक्ष 2039 समितियों का गठन पूर्ण हो चुका है। अब तक 2259 समितियों का गठन किया गया है।पशुधन की संक्रामक रोगों से सुरक्षा हेतु कराया जाये शत-प्रतिशत टीकाकरण
संक्रामक रोगों एवं अन्य बीमारियों से बचाव के बेहतर उपाय किये जाए। पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कार्य किया जाए। वैक्सीन एवं औषधियों की कोई कमी न होने पाए। इसकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रदेश के सभी ग्रामों में आवश्यकतानुसार टीकाकरण कराया जाये। प्रदेश में लम्पी स्किन डिजीज पर नियंत्रण पा लिया गया है फिर भी आवश्यक सतर्कता बरती जाए। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधान भवन के अपने कार्यालय कक्ष में पशुधन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिये कि वृहद गो संरक्षण केन्द्रों का निरीक्षण किया जाए और निरीक्षण के दौरान गौशालाओं हेतु आवश्यक व्यवस्थायें जिसमें चारा, भूसा, प्रकाश, पेयजल, औषधियों एवं अन्य पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायी जाए। गोवंश की सुरक्षा के दृष्टिगत हाईवे और मुख्य सड़कों पर विचरण करते हुए गौवंश को रेडियम बेल्ट पहनाई जाए, जिससे वे दुर्घटना ग्रस्त होने से बच सके। राज्य सरकार द्वारा किसानों एवं पशुपालकों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विभाग द्वारा संचालित लघुपशु की बैकयार्ड मुर्गीपालन, भेड़ पालन तथा बकरी पालन की योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार ग्रामीण अंचलों तक किया जाए, ताकि सभी पात्र लोगो को योजनाओं का लाभ मिल सके और वे अपनी आय को दुगुना कर सके। योजना अंतर्गत 31 अक्टूबर तक लाभार्थी चयन का कार्य पूर्ण कर लिया जाये। पशुओं के नस्ल सुधार एवं उच्चगुणवत्ता के पशुधन के लिए कृत्रिम गर्भाधान के कार्यों में तेजी लाई जाए। पशुधन की समृद्धि के लिए नस्ल सुधार एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित एवं सुनियोजित रूप से संचालित किया जाए।बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेशभर के 7608 गो आश्रय स्थलों में 1236815 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना अंतर्गत 179024 गोवंश सुपुर्द किये गये, जिससे 114089 लाभार्थी लाभान्वित हुए। प्रदेश में 403 वृहद गोसंरक्षण केन्द्र हैं। बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने मंत्री को आश्वस्त किया कि निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन होगा। गो आश्रय स्थलो पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को गो आश्रय स्थलों के नियमित निरीक्षण करने, योजनाओं के भली भाति क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार प्रसार करने एवं विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों एवं पशुपालकों को पहुचाये जाने के निर्देश दिए।बैठक में पशुधन विकास विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, पशुपालन विभाग के निदेशक योगेन्द्र पवार, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डा राजीव सक्सेना, संयुक्त निदेशक डा पीके सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने किया 737 प्रतिष्ठानों में आलू का निरीक्षण
तथ्य प्रकाश में आया कि पुराने आलू को नया आलू बनाकर विक्रय हेतु हानिकारक रसायन, अम्ल ,लाल रंग, मिट्टी आदि का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कृत्य से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की संभावना है। 28 सितम्बर को सम्पूर्ण प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया, जिसके अंतर्गत जनपदों में छापेमारी एवं प्रवर्तन की कार्यवाही की गई।डा. जैकब नेजिलाधिकारियों को पुरानी आलू को कृत्रिम ढंग से नया आलू बनाकर बिक्री किये जाने की गतिविधियों पर रोकथाम के लिए जनपदों में स्थित आलू भण्डारण केन्द्र, कोल्ड स्टोरेज तथा आलू मंडी का निरीक्षण एवं प्रभावी प्रवर्तन कराने की कार्यवाही किये जाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने 27 सितम्बर को जिलाधिकारियों को भेजे हुए पत्र में कहा है कि विभिन्न माध्यमों से यह सूचना प्राप्त हो रही है कि पुराने आलू को हानिकारक रसायन,एसिड का प्रयोग कर आलू के छिलके को पतला कर उन्हें पुनः लाल रंग मिली मिट्टी से रगड़ कर नया आलू बनाकर बेचा जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने जनपद में स्थापित कोल्ड स्टोरेज तथा आलू मंडी प्रमुख बाजारों में टीम गठित करते हुए जांच कराये एवं इस प्रकार की घटना की जानकारी होने पर उनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही तथा जब्तीकरण,नष्टीकरण की कार्यवाही करें।आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान 737 निरिक्षण, 72 छापे, 35 नमूनों का एकत्रीकरण, आलू की जब्ती 754.59 क्विंटल लगभग 8.49 लाख रुपये मूल्य तथा कुल नष्ट किया गया। मानव उपभोग हेतु उपयुक्त न पाए जाने पर लगभग 5.6 क्विंटल 0.108 लाख रुपये मूल्य है। कानपुर नगर में 2 आलू नमूने लिए गए एवं 2 अपमिश्रक नमूने जब्त 11200 किग्रा किया गया, बाराबंकी में 2 आलू नमूने लिए गए एवं 02 अपमिश्रक नमूने, जब्त 6900 किग्रा किया गया। लखनऊ में 1 आलू नमूना लिए गए एवं जब्त 2300 किग्रा, उन्नाव में 7 आलू नमूने एवं 1 अपमिश्रक नमूना जब्त 19300 किग्रा गाजीपुर में 1 आलू नमूना, जब्त 3498 किग्रा , बनिया में 2 आलू नमूने लिए गए एवं 1 अपमिषक नमूना जब्त 1000 किग्रा किया गया, गौरखपुर में 2 आलू नमूने लिए गए एवं 1 अपमिवक नमूना जास्त 12000 किग्रा किया गया, तथा संभल में 2 आलू नमूने, जब्त 19260 किग्रा जब्त किया गया है।आयुक्त ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं के हित में यह सन्देश जारी किया जाता है कि पुराने आलू को नया बनाने हेतु हानिकारक रसायन अम्ल, एवं रंगीन मिटटी अपमिश्रक का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं तथा व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
