-आज नहीं पहले भी नहीं चेती थी खाकी, गिरफ्तारी तक रही सीमित,पुरानी सनसनीखेज मामलों पर एक नजर
- REPORT BY:A.AHMED SAUDAGAR || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। बीकेटी क्षेत्र स्थित मामपुर बाना गांव निवासी सफाईकर्मी प्रदीप गौतम हत्याकांड में सिर्फ गोली नहीं गरजी इससे पहले भी राजधानी
में आए दिन होने वाले गोलीकांड कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती खड़ी करते हुए बदमाशों ने जब चाहा और जहां चाहा अवैध असलहों से सनसनीखेज को अंजाम दिया, लेकिन इनसे निपटने के लिए पुलिस की कार्रवाई महज आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित रहती है।
दरअसल पिछले कुछ सालों में यूपी के अलावा अन्य राज्यों से आने वाले अवैध असलहों की तस्करी का बड़ा केंद्र बन चुका है। सफेदपोशों व बड़े जमीन कारोबारियों से लेकर अपराधी इन अवैध असलहों के बूते वर्षों से दहशत फैलाते चले आ रहे हैं। एटीएस, एसटीएफ या फिर स्थानीय पुलिस ने कई बार कई असलहा तस्करों के गिरोहों को पकड़ने में सफलता हासिल कर उनके पास से भारी संख्या में अवैध असलहों की खेप बरामद भी की, लेकिन इन तस्करों की जड़ें कमजोर होने के बजाए मजबूत होती नजर आई।अक्सर पुलिस द्वारा किए जाने वाली गिरफ्तारियां में अवैध असलहे बरामद होते रहते हैं। कुछ साल पहले एटीएस टीम ने चारबाग क्षेत्र से चार असलहों तस्करों को गिरफ्तार कर मुंगेर से लाई गई 11 पिस्टल व एक रिवाल्वर बरामद की थी। तब सामने आया था कि तस्कर इन असलहों को आसपास के जिलों तक सप्लाई करते हैं।
किसी अन्य जनपद की बात नहीं राजधानी में कुछ साल पहले नेशनल गन हाउस से उड़ाए गए अत्याधुनिक असलहों व कारतूस के साथ चार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद अवैध असलहों के बढ़ते कारोबार की नई तस्वीर भी सामने आई थी।लिहाजा वर्षों से हो गिरफ्तारी और आरोपियों के पास से होने वाले अवैध असलहों की बरामदगी से साफ है कि तस्करों का कुनबा घटा नहीं है बल्कि इजाफा होता नजर आ रहा है।यही नहीं गत लोकसभा चुनाव के दौरान चेकिंग के दौरान पुलिस ने पांच दर्जन से अधिक अवैध असलहे बरामद किया थे, राजधानी लखनऊ में ये असलहे कहां से आए। इसका जवाब पुलिस के लिए पहेली बना रहा।अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त करने वाले तस्करों के खिलाफ तत्कालीन एसएसपी राजेश पाण्डेय ने अभियान चलाकर खरीदारों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके हटते ही पूरी कवायद भी ठंडे बस्ते में चली गई।
जब इस्तेमाल हुए अवैध असलहे
-एक नवंबर 2015- हजरतगंज स्थित नरही में सपा पार्षद अतुल यादव उर्फ बंटू को गोली मारी गई, आरोपी अवैध असलहे से गोली मारी थी।
-सात अगस्त 2015- मड़ियांव में सेल्समैन राजेश श्रीवास्तव की अवैध असलहे से गोली मारकर हत्या।
-17 अगस्त 2015- बिजनौर कस्बे में किशनचंद्र यादव व उनके बेटे पर ताबड़तोड़ ताबड़तोड़ फायरिंग, दोनों की मौत। आरोपी के पास से अवैध पिस्टल बरामद हुई थी।
-23 जनवरी 2014- पीजीआई क्षेत्र में मामूली विवाद में रिटायर फौजी आर एन सिंह की गोली मारकर हत्या, आरोपी प्रतिबंधित बोर की अवैध रिवाल्वर के साथ गिरफ्तार हुआ था।
-29 मई 2013- इंदिरा नगर में माज हत्याकांड, शूटरों ने घर में घुसकर मासूम माज को गोलियों से किया छलनी, प्रतिबंधित बोर के असलहों का इस्तेमाल किया गया।
-12 जून 2011- चारबाग में शहर के प्रतिष्ठित चश्मा व्यवसायी गुलाब टेक चंदानी की हत्या, नाइन एमएम का प्रयोग, कातिल अभी तक नहीं मिले।
-वर्ष 2010- विकासनगर में सीएमओ परिवार कल्याण डॉ विनोद आर्या की गोली मारकर हत्या, अवैध असलहों का इस्तेमाल हुआ।
-दो अप्रैल 2011- गोमतीनगर में सीएमओ परिवार कल्याण डॉ बीपी सिंह की हत्या, 7,65 एमएम बोर का इस्तेमाल हुआ।
-दो मार्च 2011- वजीरगंज में सरकारी मुलाजिम सैफ अहमद उर्फ सैफी की हत्या अवैध पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग, 7,65 एमएम बोर का इस्तेमाल।
-सात जून 2023- लखनऊ में भरी अदालत में कुख्यात बदमाश संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की हत्या, अवैध असलहों का इस्तेमाल हुआ।
-25 अक्टूबर 2025- बीकेटी क्षेत्र में सफाईकर्मी प्रदीप गौतम की गोली मारकर हत्या, अवैध असलहे का इस्तेमाल हुआ।यह तो महज बानगी भर और भी कई घटनाओं में बदमाशों ने जमकर अवैध असलहों का इस्तेमाल किया।
शर्मनाक: मड़ियांव पुलिस और आलाधिकारियों की बहुत बड़ी नाकामी है गुरुवार को हुई घटना
यह खौफ सिर्फ भाई-बहन का नहीं, इससे पहले भी कईयों पर बरस चुका है दबंगों का हाथ
अभी कुछ दिनों से महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम पहल शुरू की, जिसका नाम
मिशन शक्ति -5- । इस अभियान के तहत राजधानी की कमिश्नरेट पुलिस मुस्तैद हुई जगह-जगह जागरूकता अभियान छेड़ा।
इसी अभियान के बीच मड़ियांव क्षेत्र स्थित एल्डिको सिटी कुटीर अपार्टमेंट में बीते 23 अक्टूबर 2025 को कमरे के भीतर धावा बोलकर शिवम चौरसिया और उसकी बहन शालू चौरसिया के साथ हुई वारदात होना कोई मामूली नहीं। करीब दर्जन भर हमलावर एकत्र होकर शालू और उसके भाई शिवम पर कहर बनकर टूट पड़े और जितना हो सका भाई-बहन पर लात-घूंसों एवं थप्पड़ों की बौछार कर डाली और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले।
यह वाक्या मानो हिला देने वाला है।यह बहुत बड़ी नाकामयाबी मड़ियांव पुलिस की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो में साफ दिख रहा है कि बेख़ौफ़ हमलावर किस तरह भाई-बहन के ऊपर जुल्म कर रहे हैं।इतना होने के बावजूद भी मड़ियांव पुलिस मुकदमा करने के लिए पीड़ित भाई-बहन को थाने का चक्कर लगवा रही है।आखिर यह कैसी पुलिस है, कैसे अफसर हैं, जो कुछ गुंडों को खुलेआम भाई-बहन को पीटा और पुलिस उन पर कार्रवाई करने के बजाए उनकी खातिरदारी करने में जुटती नजर आ रही है। इससे यही लग रहा है कि हमलावरों की कहीं न कहीं ऊंची पहुंच है, जिनपर पुलिस हाथ डालने से कतरा रही है।
राजधानी में मड़ियांव के एल्डिको सिटी स्थित कुटीर अपार्टमेंट में शिवम चौरसिया अपनी बहन शालू के साथ किराए रहते हैं।शिवम का आरोप है कि आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पिछले दो महीने से किसी न किसी बात पर अभद्रता कर रहे थे। विरोध करने पर बीते 23 अक्टूबर 2025 को पार्किंग विवाद के बहाने दर्जन भर दबंग कमरे का दरवाजा खटखटाया और दरवाजा खुलते ही हमलावर भाई-बहन पर कहर बनकर टूट पड़े और उनकी बेरहमी से पिटाई कर जख्मी कर दिया।23 अक्टूबर को जो हुआ, वह इस शहर की तहजीब नहीं है। मड़ियांव के कुटीर अपार्टमेंट में रहने वाले भाई-बहन के ऊपर हुए हमले की सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो जैसे ही लोगों ने देखा थर-थर कांप उठे। उस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस कदर हमलावर अपना कहर बरपा रहें हैं।वहीं हमलावर भले ही अपनी सफाई में कुछ भी बोल रहे हों, लेकिन कड़वा सच यह है कि उनका कहर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ। वहीं पीड़ित शालू का कहना है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाए टरकाने में जुटी हुई है। हालांकि इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा के मुताबिक पीड़िता की तहरीर के आधार पर रमन सिंह और उसके अन्य साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।
बाजारखाला: बच्चों की लड़ाई में बड़े लोग भिड़े, जमकर दोनों पक्षों के बीच चले लाठी-डंडे
-दोनों पक्ष की ओर से जख्मी, क्रास मुकदमा दर्ज, दो गिरफ्तार, अन्य अस्पताल में भर्ती
बाजारखाला क्षेत्र स्थित गुलजार नगर में मंगलवार रात बच्चों के विवाद को लेकर हुई कहासुनी को लेकर बड़े आमने-सामने आ गए और देखते
ही देखते दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया।दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी डंडे चले। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान दोनों ओर से कई लोग लहुलुहान हो गए।सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस दोनों ओर से हो रही मारपीट को किसी तरह शांत कराया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।पुलिस दोनों से मिली तहरीर के आधार पर क्रास मुकदमा दर्ज दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
बाजारखाला थाना क्षेत्र स्थित गुलजार नगर निवासी रामधीरज उर्फ लल्ला व पड़ोस में रहने वाले सुरेश के बच्चे खेल रहे थे कि इसी दौरान किसी बात को लेकर बच्चे आपस में लड़-झगड़ गए।बताया जा रहा है कि यह मामला सुनकर दोनों पक्षों के बच्चों के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए और बिना समझे बुझे खुद ही लड़ाई करने पर अमादा हो गए।दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए। पुलिस के मुताबिक घायलों को अस्पताल भेजने के बाद दोनों तरफ से मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज दो हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
चिनहट: मासूम अयान संदिग्ध हालात में कहीं लापता,इंस्पेक्टर चिनहट ने की लोगों से अपील, कहीं दिखे तो थाने पर सूचना दें
चिनहट क्षेत्र स्थित निजामपुर मल्हौर निवासी आलम शाह का 10 वर्षीय बेटा बिना बताए कहीं चला गया है। घरवालों ने अपने लाडले की तलाश
में जुटे, सफलता न मिलने पर इसकी सूचना चिनहट कोतवाली में दी।इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि बच्चे के पिता आलम शाह की तहरीर पर बुधवार को गुमशुदगी दर्ज कर मासूम बच्चे अयान की तलाश में पुलिस की टीमें लगा दी गई है।इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि मासूम बच्चा अयान लाल टी-शर्ट, लाल लोवर व चप्पल पहने हुए है।इंस्पेक्टर चिनहट ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि अगर किसी शख्स को कहीं मिले या दिखे तो इसकी सूचना पुलिस को देने का कष्ट करें। इंस्पेक्टर चिनहट का कहना है कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर मासूम बच्चे अयान की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।
महानगर में एंटी-करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई: घुसखोर दरोगा को दो लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा,पेपर मिल पुलिस चौकी पर तैनात थे रिश्वत खोर दरोगा
मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी के तमाम कोशिशों के बावजूद अधीनस्थ सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते कुछ दिनों से सिलसिलेवार तरीके से
हो रही निलंबन की कार्रवाई से भी सबक नहीं ले रहे हैं। अब महानगर कोतवाली क्षेत्र स्थित पेपर मिल चौकी में तैनात दरोगा धनंजय सिंह को बुधवार एंटी-करप्शन टीम ने एक व्यक्ति से दो लाख रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथों धरदबोचा।बताया जा रहा है धनंजय सिंह एक मामले में दो लाख की रिश्वत मांगी थी। जिसे देने के लिए पीड़ित बुधवार को पुलिस चौकी पहुंचा था। तभी पीछे से एंटी करप्शन की टीम ने पहुंचकर रंगे हाथों धरदबोचा। गौर करें तो इससे पहले सिलसिलेवार तरीके से दागी पुलिसकर्मियों पर अफसरों ने कार्रवाई करते हुए निलंबित किया, इसके बाद भी अधीनस्थ सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
