-वर्ष 2017 से लेकर अबतक हुई कार्रवाई में 35 हजार से अधिक गिरफ्तार,जबकि तीन सौ कुख्यात बदमाशों का हुआ अंत, और भी अपराधियों की लिस्ट तैयार
- REPORT BY:A.AHMED SAUDAGAR
- EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। बीते वर्ष 2017 से लेकर 21 सितंबर के बीच यूपी में आतंक का पर्याय बने दस हजार से अधिक कुख्यात
बदमाश पुलिस की गोली से लंगड़े हुए और 35 हजार के करीब गिरफ्तार हुए। जबकि तीन सौ के करीब बदमाशों का अंत हुआ।जानकार बताते हैं कि पुलिस इतनी भारी संख्या में पकड़े तथा ढेर होने के बाद भी यूपी पुलिस के कईयो टॉप टारगेट बाकी हैं। बताया जा रहा है कि इन टॉप टारगेट में कई कुख्यात दस हजार से लेकर एक लाख रुपए तक के इनामी शामिल हैं। एसटीएफ और यूपी पुलिस की टीमें अन्य कुख्यात अपराधियों की तलाश में जुट गई है।21 दिसंबर 2025 बुलन्दशहर और सहारनपुर जिले में दो कुख्यात इनामी बदमाश सिराज अहमद और ज़ुबैर उर्फ पीटर को एसटीएफ और पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। एसटीएफ व पुलिस ने इससे पहले यानी वर्ष 2017 से लेकर अबतक तीन सौ बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि दस हजार बदमाशों के पैरों में गोली लगी। यही नहीं एसटीएफ और पुलिस की सफलता पर गौर करें तो यूपी में आतंक का पर्याय बने 35 हजार से अधिक बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। वहीं यह तो महज बानगी भर है और भी कईयो कुख्यात बदमाश एसटीएफ और पुलिस के लिए नासूर बने हुए हैं, जिनकी तैयार की जा रही है। जानकार बताते हैं कि पुलिस बहुत जल्द ही वह भी सलाखों के पीछे होंगे।
बताया जा रहा है कि मेरठ, सहारनपुर, शामली, बिजनौर, गाजियाबाद, गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, कानपुर, बाराबंकी व लखनऊ के कई सूचीबद्ध बदमाश पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। जानकार सूत्र बताते हैं कि पुलिस और एसटीएफ को उनकी शिद्दत से तलाश है।
एएनटीफ ऑपरेशन यूनिट आगरा को मिली बड़ी कामयाबी: नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले चार तस्कर गिरफ्तार
-47 कार्टून (5640 ) बोतल कोडीन सीरप, एक वाहन टाटा गोल्ड, एक कार, चार मोबाइल फोन, एक कीपैड व 3,900 रूपए की नकदी बरामद
एएनटीफ यूनिट आगरा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र स्थित नकटई कला गांव के पास से कार
सवार चार तस्करों को गिरफ्तार किया है।इनके पास से 25 लाख रुपए कीमत की नशीली दवाएं, दो वाहन, चार मोबाइल फोन, एक कीपैड व 3,900 रूपए की नकदी बरामद हुई है।
यूपी की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ( ANTF) और एटा जिले के अलीगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को बड़ा खुलासा किया है। एएनटीफ यूनिट आगरा और अलीगंज की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना कार सवार चार तस्करों को धरदबोचा। 47 कार्टून ( 5640 बोतल) ONEREX बरामद हुई है, जिसकी कीमत 25 लाख रुपए बताई जा रही है।
एएनटीफ के अपर पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। निरीक्षक हर्वेंद्र मिश्रा की टीम ने एसओ अलीगंज राजकुमार सिंह के सहयोग से मुखबिर की सूचना पर एटा जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित नकटई कला गांव के पास घेरेबंदी कर और नशीली दवाओं का जखीरा सहित चार तस्करों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। उपनिरीक्षक हर्वेंद्र मिश्रा के मुताबिक गिरफ्तार तस्करों की पहचान एटा जिले के नगला गांव निवासी प्रमोद कुमार, नगला एटा निवासी पंजाब सिंह, असदपुर एटा निवासी जितेंद्र सिंह व अलीगंज क्षेत्र स्थित नकटई कला गांव निवासी जितेंद्र सिंह पुत्र रामवीर सिंह हुई। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि इनका एक अंतर्राज्यीय गिरोह है जो प्रमोद का भाई ट्रक चालक है जो एक व्यक्ति की मदद से नशीली दवा (कोडीन सीरप) वाराणसी से भरवाकर पश्चिम बंगाल भेजा था, जहां से उसका भाई गिरफ्तार हुआ था जो अभी भी सलाखों के पीछे है।एएनटीफ के निरीक्षक ने बताया कि पकड़े गए चारों आरोपी शातिर किस्म के तस्कर हैं और पूछताछ में बताया कि सीरप की 60 पेटी वाराणसी में दी और कहा कि इन्हें बेचकर मोटी रकम कमा लो।
बताया जा रहा है कि इन पेटियों में से 13 पेटियां नशा करने वाले नशेड़ियों के हाथों फिर बेचने की फिराक में थे कि एएनटीफ टीम ने धरदबोचा। बताया जा रहा है कि इनका नेटवर्क यूपी के अलग-अलग जिलों तथा अलग-अलग राज्यों के अलावा पश्चिम बंगाल तक जुड़ा हुआ है। इस गोरखधंधे को लंबे समय से संलिप्त होने की बात सामने आ रही है, जिसके बारे में एएनटीफ और पुलिस जानकारी एकत्र कर रही है।
जौनपुर में बाइस वर्षीय युवक को मारी गई गोली
– घायल, अस्पताल में कराया गया भर्ती
यूपी के जौनपुर जिले के चंदवक थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक युवक को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। यह घटना
भीतरी रतनपुर मार्ग पर महुली ग्राम सभा के पास हुई। घायल युवक को गंभीर हालत में वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।गोली लगने से घायल हुए युवक की पहचान उमरवार गांव निवासी 22 वर्षीय विशाल यादव पुत्र सिपाही यादव के रूप में हुई है।परिजनों के अनुसार, गोली उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे लगी है।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन विशाल को लेकर डोभी सीएचसी पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर भेज दिया। विशाल के बड़े पिता विजय यादव ने बताया कि बेहड़ा निवासी राज सिंह ने विशाल को गोली मारी है। परिजनों ने राज सिंह पर गोली चलाने का आरोप लगाया है।चंदवक थाना प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गोली चलने की जानकारी मिली है, लेकिन पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गैस गीजर ने ली दंपति की जान, दम घुटने से हुई मौत
पीलीभीत जिले में गैस गीजर की वजह से एक दंपति की जान चली गई। शहर कोतवाली क्षेत्र की गुरुकुल पुरम कॉलोनी में
रविवार देर रात हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय हरजिंदर विकास भवन के डीआरडीए विभाग में तैनात थे। वह अपनी 40 वर्षीय पत्नी रेनू सक्सेना के साथ किराए के मकान में रहते थे। बताया जा रहा है कि रेनू का कुछ समय पहले हाथ टूट गया था, जिसका प्लास्टर 30 नवंबर को ही कटा था। हाथ में तकलीफ होने के कारण हरजिंदर ही उनकी देखभाल कर रहे थे।बताया जा रहा है कि रविवार शाम हरजिंदर अपनी पत्नी को बाथरूम में नहलाने में मदद कर रहे थे। इसी दौरान बाथरूम में लगा गैस गीजर चल रहा था। बाथरूम में वेंटिलेशन की कमी और गीजर से लगातार निकल रही कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण वहां ऑक्सीजन कम हो गई। आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान दम घुटने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पड़ोसियों को हुआ संदेह,शहर कोतवाल मौके पर पहुंचे
काफी देर तक जब घर में कोई हलचल नहीं हुई तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल सत्येंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा तो अंदर दोनों के शव मिले। पुलिस ने तुरंत शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।पड़ोसियों का कहना है कि हरजिंदर और रेनू ने प्रेम विवाह किया था। उनकी कोई संतान नहीं थी और वे दोनों एक-दूसरे का बहुत ख्याल रखते थे। इस हादसे ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
विशेषज्ञों ने दी ये चेतावनी,कहा गैस गीजर को हमेशा बाथरूम के बाहर लगवाना चाहिए
इस घटना ने एक बार फिर गैस गीजर के सुरक्षित उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गैस गीजर को हमेशा बाथरूम के बाहर लगवाना चाहिए। यदि अंदर लगा हो तो बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन या उचित वेंटिलेशन होना अनिवार्य है। नहाते समय गीजर को बंद कर देना सबसे सुरक्षित विकल्प है। वहीं शहर कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने पुष्टि की है कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण दम घुटना ही प्रतीत हो रहा है। हालांकि विस्तृत रिपोर्ट पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगी। इस घटना के बाद से पूरी कॉलोनी में मातम पसरा हुआ है।
