LUCKNOW:डीजीपी के तेवर सख्त,पांच थाना प्रभारी लाइन हाजिर

 -सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में फेल दो क्षेत्राधिकारी यातायात के विरूद्ध प्रारम्भिक जाँच के आदेश 

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK

लखनऊ।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा नें पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित सुधार न करने वाले पांच थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर करते हुए दो क्षेत्राधिकारी यातायात के विरूद्ध प्रारम्भिक जाँच के आदेश दिये है ।इसके अलावा डीजीपी नें कहा है कि आगामी पर्वों एवं विभिन्न आयोजनों की पूर्व से तैयारी की जाये तथा आयोजकों से समन्वय स्थापित कर कड़े पुलिस प्रबन्ध किये जाये।

डीजीपी नें आईजीआरएस एवं जनशिकायत निस्तारण प्रणाली में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ अधिकारियों को स्वयं जनसुनवाई कर शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान करने के निर्देश दिये है।पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण नें प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक के साथ ऑनलाइन माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक कर आगामी पर्वों की सुरक्षा व्यवस्था, आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण, ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट व सी-आरटीसी अभियान औऱ यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग व ई-साक्ष्य तथा अन्य महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा है कि आगामी कार्यक्रमों एवं कानून-व्यवस्था की मजबूत तैयारी की जाये।इसी के साथ पुख्ता पुलिस प्रबंध किया जाये ।

डीजीपी नें सडक दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये प्रदेश के 07 पुलिस कमिश्नरेट औऱ 68 जनपदों के 487 सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य थानों में ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना एक जनवरी से लागू की है। इसके काफी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए है ।डीजीपी नें कहा कि चयनित किये गये 487 थानों में से 46 थाने ऐसे पाये गये जिनमें दुर्घटना की वृद्धि हुई है। वही 05 थाने ऐसे पाये गये जिनमें दुर्घटनाओं में अत्याधिक वृद्धि हुई है। इन सभी थानो के थाना प्रभारियों थाना प्रभारी चोलापुर कमिश्नरेट वाराणसी दीपक कुमार व थाना प्रभारी कैम्पियरगंज गोरखपुर जितेन्द्र सिंह औऱ थाना प्रभारी छिबरामऊ, कन्नौज विष्णुकान्त तिवारी व थाना प्रभारी रामसनेही घाट, बाराबंकी जगदीश प्रसाद शुक्ला व थाना प्रभारी सिकरारा जौनपुर उदय प्रताप सिंह को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिये गये है। इसी के साथ ही जनपद बाराबंकी के क्षेत्राधिकारी यातायात आलोक कुमार पाठक एवं जौनपुर के क्षेत्राधिकारी यातायात गिरेन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध प्रारम्भिक जाँच के आदेश दिये गये हैं ।
समीक्षा बैठक में डीजीपी नें आईजीआरएस एवं जन शिकायत निस्तारण को लेकर कहा है कि थाने एवं चौकी स्तर पर जन शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षाकृत सुधार आया है किन्तु कुछ जनपदों में सुधार की आवश्यकता है ।इसको लेकर जनपदीय प्रभारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से जन शिकायतों के निस्तारण की नियमित एवं गहन समीक्षा सुनिश्चित करते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाये ।
डीजीपी नें कहा कि किसी भी घटना को लेकर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तथ्यात्मक एवं अद्यतन जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए। अधिकृत अधिकारियों द्वारा समयबद्ध एवं तथ्यात्मक बाइट उपलब्ध कराई जाए। जिससे पुलिस की कार्रवाई स्पष्ट रूप से प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में परिलक्षित हो सके।
डीजीपी नें कहा कि घटना के सम्बन्ध में सोशल मीडिया पर भी सही तथ्यों को समय से अपडेट करते हुए सभी महत्वपूर्ण पोस्ट पर रिप्लाई किया जाये।डीजीपी नें कहा कि यातायात निदेशालय द्वारा प्रदेश के 20 जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लांच की गयी सी-आरटीसी स्कीम के बारे में विस्तार से अवगत कराते हुए प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीक आवर्स में लगने वाले ट्रेवल टाइम के आकड़ो को प्रदर्शित किया गया ।इस योजना के अंतर्गत पीक आवर्स में ट्रैवल टाइम को कम करने हेतु प्रभावी एवं लक्षित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे यातायात में अपेक्षित सुधार किया जा सके ।

डीजीपी नें ई-साक्ष्य के कार्यान्वयन की समीक्षा करके सभी विवेचकों को इसके प्रभावी उपयोग हेतु समुचित प्रशिक्षण कराये जाने के निर्देश दिये गये ।समीक्षा के दौरान अमित कुमार आनन्द, डीसीपी साउथ कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा ई-साक्ष्य एप के विभिन्न चरणो और तकनीकी पहलुओ पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया ।बीट स्तर पर तैनात सभी पुलिसकर्मी ‘यक्ष’ एप का नियमित एवं प्रभावी उपयोग करते हुए महत्वपूर्ण सूचनाओं का समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित करें।प्राप्त सूचनाओं की सतत निगरानी संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाए।बीट सूचना पर उसकी संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के अनुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।‘यक्ष’ एप के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित अपराधों की रोकथाम हेतु आवश्यक निवारक कदम उठाए जाएं।

डीजीपी नें कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधान के अनुरूप सामान्य विवेचनाओं में 60 एवं गम्भीर अपराधों की विवेचनाओं का 90 दिवस में निस्तारण के लक्ष्य के अनुरूप विवेचनाओं की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा में आरोप पत्र दाखिल किए जाएं ।इस संबंध में उच्चाधिकारी गण द्वारा नियमित अर्दली रूम/पर्यवेक्षण करते हुये विवेचनाओं की समीक्षा कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया ।जनपदों में स्थित समस्त न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए।प्रवेश द्वारों पर प्रभावी चेकिंग, सीसीटीवी की कार्यशीलता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ रखा जाए।व्यापार मंडल पदाधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर कानून-व्यवस्था, बाजार सुरक्षा एवं साइबर ठगी आदि विषयों पर संवाद स्थापित किया जाए।व्यापारियों की शिकायतों का त्वरित एवं संवेदनशील निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

डीजीपी नें कहा कि विधिक प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए समयबद्ध रूप से जब्त माल का विनिष्टीकरण सुनिश्चित किया जाए।विनिष्टीकरण की कार्यवाही पारदर्शी ढंग से, सक्षम प्राधिकारी की उपस्थिति में एवं नियमानुसार की जाए। पुलिस महानिदेशक ने  सभी अधिकारियों को निर्देशित किया  कि वे अपने-अपने जनपदों में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता दें।

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