LUCKNOW:15 दिन तक टोल-फ्री रहेगा गंगा एक्सप्रेसवे,क्लिक करें और भी खबरें

 -लोकार्पण के बाद आमजन को सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का अनुभव के लिए विशेष पहल

-यूपीडा ने जारी किए निर्देश, कन्सेशनैयर्स को सरकार करेगी क्षतिपूर्ति

  • REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 
लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित में बड़ा निर्णय लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को कमर्शियल ऑपरेशन डेट सीओडी से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखने की घोषणा की है।  जनता बिना शुल्क के यूपी के सबसे लंबे व अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे काअनुभव कर  सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यूपीडा ने परियोजना के कन्सेशनैयर्स आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल कलेक्शन स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
यूपीडा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।यह निर्णय उस समय लिया गया है, जब इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के अनुच्छेद 14.3.1 के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किया गया, जिससेएक्सप्रेसवे की कमर्शियल ऑपरेशन डेट निर्धारित हो गई। एक्सप्रेसवे आम जनता के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार माना गया।योगी सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआती चरण में अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकें। 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर बिना टोल के यात्रा करने का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता, गति और जन-सुविधाओं से सीधे रूबरू कराएगा। यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देगी, एक्सप्रेसवे के प्रति जनविश्वास को मजबूत करेगी।गंगा एक्सप्रेसवे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पीपीपी के तहत डीबीएफओटी टोल मॉडल पर विकसित किया गया है। इसके तहत कन्सेशनैयर्स को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है।
हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। टोल-फ्री अवधि के दौरान भी ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस से संबंधित मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। अनुच्छेद 17 सहित कंसेशन एग्रीमेंट के अन्य प्रावधानों के तहत सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की यह टोल छूट न केवल आमजन को राहत देगी, बल्कि इस मेगा प्रोजेक्ट के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगी। इस फैसले को प्रदेश सरकार की ‘जनहित प्रथम’ नीति के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नागरिकों को ‘फील गुड’ कराने को भी प्राथमिकता देती है।

महिला सुरक्षा सिर्फ दावा नहीं, दिख रहा बदलाव

-एंटी रोमियो स्क्वाड, फास्ट ट्रैक कोर्ट, बीट पुलिसिंग समेत उठाए गए कई अहम कदम

-सपा सरकार में लंबित रहते थे मामले,  हो रही है सुनवाई

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा। इससे पहले महिला अपराध के चलते यूपी का नाम देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया रहता था। 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए बड़े कम उठाए हैं। इससे प्रदेशभर की बहन-बेटियों में सुरक्षा का भाव देखने को मिल रहा है।योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में महिला अपराधों पर अंकुश लगना शुरू हुआ। अपराधियों में भय देखने को मिल रहा है।
योगी सरकार में महिला अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई भी तेजी से की जा रही है, ताकि कोई अपराधी बच न पाए। इस सरकार में महिला सुरक्षा केवल दावा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखने वाला बदलाव भी है। इसके उदाहरण के तौर पर बीट पुलिसिंग, मिशन शक्ति, पिंक बूथ, एंटी रोमियो स्क्वाड, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कई अहम प्रयास को देखा जा सकता है।सपा सरकार के 5 वर्षों के शासन में एक भी फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट नहीं बना, जबकि पॉक्सो एक्ट 2012 में ही लागू हो गया था। योगी सरकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट और पॉक्सो विशेष न्यायालयों ने महिलाओं और बच्चियों को तेजी से न्याय दिलाया। योगी सरकार के 9 वर्षों में 218 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट एफटीएसटी बनाए गए, जिनके जरिए बलात्कार और पॉक्सो मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। 75 जिलों में स्थापित पॉक्सो विशेष न्यायालय के जरिए 6 महीने में निर्णय का लक्ष्य रखा गया है। योगी सरकार में 2017 से ऑपरेशन शक्ति के जरिए छेड़छाड़ रोकने के लिए विशेष पुलिस अभियान जारी है। वहीं वर्ष 2020 से मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ा एकीकृत अभियान चलाया जा रहा है। 40 हजार पुलिसकर्मियों को अपराध रोकने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया।महिला हेल्पलाइन 1090 के जरिए 5 करोड़ से ज्यादा बहन-बेटियों की शिकायतों का निवारण किया गया है।  एफआईआर दर्ज कराने की भी सुविधा दी गई। योगी सरकार में पहली बार महिला पुलिस थानों की स्थापना की गई। हर जिले में कम से कम एक महिला पुलिस थाना संचालित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में जिम्मेदारी संभालते ही छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया।
आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2026 तक इन टीमों ने करोड़ों लोगों की चेकिंग की और हजारों की संख्या में मनचलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की।महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसी सरकार में पिंक बूथ और आउटपोस्ट की शुरूआत की गई। इसके तहत 2500 से ज्यादा पिंक बूथ बनाए गए। साथ ही पिंक पेट्रोलिंग दोपहिया और चौपहिया वाहनों से शुरुआत की गई। दूसरी तरफ सेफ सिटी प्रोजेक्ट के जरिए लखनऊ समेत कई जिलों को हजारों सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से जोड़ा गया। महिलाओं से जुड़े अपराध की सिर्फ रिपोर्ट ही न हो बल्कि उन पर कार्रवाई और सजा भी हो। जहां 2012 में चार्जशीट दर 58.3 प्रतिशत थी, वो 2022 में बढ़कर 76.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। दोषसिद्धि दर 17.2 प्रतिशत से बढ़कर 27.8 प्रतिशत हो गई। सपा शासन में न्यायालयों में महिलाओं के प्रति अपराधों के औसतन 78 प्रतिशत मामले लंबित रहते थे। योगी सरकार फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट के माध्यम से इसे 65 प्रतिशत तक ला चुकी है।

‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’को धार देगा ‘संध्या संवाद’

-8 मई से देवीपाटन मंडल में शुरू होगा “संध्या संवाद कार्यक्रम”

-मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल चौपाल में ग्रामीणों से  करेंगी सीधा संवाद

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” की अभिनव पहल की जा रही है। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती की एक ग्राम पंचायत से की जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत देवीपाटन मंडलायुक्त द्वारा ग्रामीणों के साथ खुली चौपाल में उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा।
योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित लोगों को लाभ देने के लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर ग्राम पंचायत में शिविर भी लगाया जाएगा।देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हमेशा प्रयास रहा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रदेश में समय-समय पर विभिन्न जनसंपर्क और जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप देवीपाटन मंडल के चार जिलों गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती में चयनित ग्राम पंचायत स्तर पर मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अगुवाई में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत खुली चौपाल आयोजित की जाएगी।
चयनित ग्राम में एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन भी किया जाएगा, जहां पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया जाएगा। लाभार्थियों को उसी दिन प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

यूपी में सर्वाधिक पौधरोपण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से सीखेगी दुनिया

-9 देशों के युवाओं ने माना योगी सरकार का लोहा,जलवायु परिवर्तन से जूझ रही दुनिया को रास्ता दिखाएगा यूपी

केंद्रीय खेल मंत्रालय के वर्चुअल समिट में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इथोपिया, ईरान और इंडोनेशिया के युवा प्रतिनिधि शामिल

उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी गूंज अब ब्रिक्स देशों तक पहुंच गई है। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान ने प्रदेश को पौधरोपण के मामले में नई ऊंचाई दी है।
गत 9 जुलाई 2025 को एक ही दिन में 37 करोड़ से अधिक पौधे लगा यूपी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया जबकि पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश की  उपलब्धि को दुनिया के अन्य देशों ने सराहा है और इस तरह के अभियान चलाकर अपने देश के लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ना चाहते हैं।केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की वर्चुअल समिट में 9 देशों के युवा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और यूपी के इस अभियान की खुलकर सराहना की। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथोपिया, ईरान और इंडोनेशिया के युवाओं ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर विचार व्यक्त किए। विश्व के अन्य देशों के युवाओं का कहना था कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसा विचार लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ता है। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि वर्चुअल समिट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले बागपत के अमन कुमार ने भारत की आवाज बुलंद की है।
उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक पेड़ मां के नाम अभियान केवल सामान्य कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे संस्कृति, संवेदना और सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ा गया है।सीएम बागपत के युवा अमन कुमार को स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से सम्मानित कर चुके हैं। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि जब किसी अभियान में भावनात्मक जुड़ाव होता है, तभी वह लंबे समय तक असर छोड़ता है। यूपी ने कर दिखाया है। जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच उत्तर प्रदेश का यह मॉडल दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। ब्रिक्स देशों के युवाओं की सराहना ने इस अभियान को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दी है। उत्तर प्रदेश की यह पहल अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 28 अप्रैल तक 6.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

-किसानों को सीधे खाते में भुगतान, 1,15,854 लाभार्थी किसानों को 1318 करोड़ रुपये का  भुगतान

-पूर्वांचल के जिले खरीद में आगे, देवरिया में 55.82 फीसदीके साथ सबसे अधिक खरीद

उत्तर प्रदेश में रबी विपणन सत्र के दौरान गेहूं खरीद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। योगी सरकार की सक्रिय रणनीति और जमीनी स्तर पर मजबूत व्यवस्थाओं के चलते 28 अप्रैल तक 6.10 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की जा चुकी है, जो अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
सरकार ने इस अभियान में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अब तक 1,15,854 किसानों को 1318 करोड़ रुपये का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डीबीटी के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा चुका है। इससे किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है।प्रदेश भर के खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। तौल, भंडारण और भुगतान की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया गया है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि हर केंद्र पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें और किसी भी किसान को लौटना न पड़े।गेहूं खरीद में पूर्वांचल के जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देवरिया ने 55.82 फीसदी खरीद के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रशासनिक सक्रियता, किसानों की भागीदारी का मजबूत उदाहरण पेश किया है।  बस्ती, प्रतापगढ़, बलरामपुर, संतकबीरनगर जैसे जिले भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई, दाने सिकुड़े और चमक कम हो गई।  किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने राहत दी है। अब 70 फीसदीतक चमकविहीन और 20 फीसदी तक सिकुड़ा,टूटा गेहूं बिना कटौती के खरीदने की अनुमति दी गई है, जिससे किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।पंजीकरण से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। किसान आसानी से पंजीकरण कर रहे हैं और उन्हें सीधे खातों में भुगतान मिल रहा है।

15 जून से उड़ान भरेगा जेवर,नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू होंगी कमर्शियल फ्लाइट

-एनसीआर और पश्चिमी यूपी को मिलेगा ग्लोबल एविएशन गेट-वे

-इंडिगो से पहली उड़ान की शुरुआत, आकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द शुरू करेंगी सेवाएं

उत्तर भारत के एविएशन सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एनआईए ने घोषणा की है कि 15 जून  से हवाई अड्डे से कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू होगा।  एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों, विभिन्न एयरलाइंस और कार्गो ऑपरेटरों के लिए एक आधुनिक और विश्वस्तरीय एविएशन गेट-वे उपलब्ध हो जाएगा।
यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम मानी जा रही है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व गति मिली है। एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक क्लस्टर्स के विकास की श्रृंखला में जेवर एयरपोर्ट अहम कड़ी बन उभरा है।एयरपोर्ट का संचालन प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो बीसीएएस से एयरोड्रोम सुरक्षा कार्यक्रम एएसपी की मंजूरी मिलने के बाद शुरू हो रहा है। यह मंजूरी इस बात का संकेत है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, सिस्टम और संचालन प्रक्रियाएं सभी नियामक मानकों के अनुरूप पूरी तरह तैयार हैं।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो द्वारा संचालित की जाएगी। आकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द अपनी सेवाएं शुरू करेंगी। उड़ानों के शेड्यूल, गंतव्यों और  सुविधाओं की जानकारी जल्द सार्वजनिक की जाएगी।तेजी से बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए विकसित यह एयरपोर्ट आधुनिक टर्मिनल, कुशल संचालन प्रणाली और मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से लैस है।
यात्रियों को सहज और सुविधाजनक यात्रा अनुभव देने के साथ-साथ एयरलाइंस के लिए कॉस्ट इफेक्टिव संचालन सुनिश्चित किया गया है। एयरपोर्ट से वाणिज्यिक सेवाओं की शुरुआत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और पर्यटन, व्यापार तथा निवेश के नए अवसर पैदा करेगी। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।वर्तमान में एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों का आवागमन संभालने में सक्षम है। मास्टर प्लान के तहत भविष्य में इसका विस्तार कर 7 करोड़ से अधिक यात्रियों की वार्षिक क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे यह देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित हो जाएगा।

Aaj National

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