-पीजीआई पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी
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लखनऊ।राजधानी के पीजीआई इलाके में स्वामी रामतीर्थ सहकारी आवास समिति की तरफ से पांच बिस्वा जमीन शिवजी महराज सेवा ट्रस्ट को दी गई थी। इस जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार कर शिवकुमार ने अपने नाम करा लिया। इस पर काम्प्लेक्स खड़ा कर लिया। जानकारी होने पर आपत्ति की गई तो आरोपी धमकी देने लगा। पीडि़त की तहरीर पर पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्वामी रामतीर्थ सहकारी आवास समिति के मुख्तारेआम सचिन कुमार गौड़ ने पीजीआई थाने में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट दर्ज कराई। सचिन के मुताबिक समिति के अध्यक्ष सुमेर अग्रवाल है। उनकी उम्र 82 वर्ष है। वहीं सचिव की भी तबीयत खराब रहती है। समिति की जमीनों की देखरेख के लिए उनको मुख्तारेआम बनाया गया है। समिति की हैवतमऊ मवैया में 1 बीघा, 5 विस्वा और 10 विस्वांसी जमीन है। इसमें से पांच विस्वा भूखंड शिवजी महराज सेवा ट्रस्ट मवईया के प्रबंधक ट्रस्टी शिवकुमार को 2012 में आवंटित किया गया। शिवकुमार समिति का विधिक कार्य देखते थे। कार्यालय में बैठने के दौरान समिति के भूखंडों के दस्तावेजों की जानकारी थी। ट्रस्ट की जमीन पर निर्माण कराने के लिए कई बार समिति से रुपये भी लेकर गये। 2018 के बाद उनका आना जाना कम हो गया। वहीं, ट्रस्ट की जमीन पर बन रहे भवन के निर्माण पर एलडीए ने रोक लगा दी। 10 मई 2022 को समिति के अध्यक्ष ने शिवकुमार के कृत्यों की जानकारी होने के बाद समाचार पत्र में प्रकाशन कराकर ट्रस्ट की जमीन पर बने काम्प्लेक्स के संबंध में किसी भी प्रकार का शिवकुमार से लेनदेन अवैध घोषित कर दिया। इसी बीच शिवकुमार ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर काम्प्लेक्स अपने नाम कर लिया। रिलायंस प्रोजेक्ट व प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सर्विसेज लि. के अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव से मिली भगत कर खुद को मालिक बता लीज डीड तैयार करा लिया। इसका विरोध करने पर गाली-गलौज व मारपीट पर आमादा हो गये। यहीं नहीं शिवकुमार ने समिति में लियाकत अली को सहायक सचिव भी बना दिया था। उसके नाम से काम्प्लेक्स के पीछे खाली जमीन की रजिस्ट्री कर दी। इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक पीडि़त की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
नौकरी के नाम पर दो महिलाओं से ठगी
जालसाज ने दो महिलाओं से कृषि विभाग में विकास खण्ड सर्वेयर पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 1.42 लाख रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। वह ज्वाइन करने पहुंची तो उन्हें खुद के साथ धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गोमतीनगर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।अयोध्या के तारून बराव निवासी सरोज सोनी के मुताबिक रविदास नगर भदोही के अरुण पाण्डेय से उनकी मुलाकात दारुल शफा में हुई थी। अरुण ने 65 हजार रुपए देने पर अमाया इंफाटेक कंपनी के माध्यम से कृषि विभाग में विकास खंड सर्वेयर पद पर बीकापुर ब्लॉक में नौकरी लगवाने की बात कही, जिसके बदले में 17500 रुपए सेलरी दिलवाने का भरोसा दिलाया। रुपए देने के कुछ दिन बाद उन्हें नियुक्त पत्र भी मिल गया। नियुक्ति पत्र लेकर वह बीकापुर ब्लॉक में ज्वाइन करने पहुंची तो पता लगा कि यह नियुक्त पत्र फर्जी है। इसकी शिकायत उन्होंने आरोपित अरुण पाण्डेय से की तो वह धमकाने लगा। वहीं, अयोध्या तारुन बरहेटा निवासी गायत्री ने गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि आरोपित अरुण पाण्डेय ने उनसे भी कृषि विभाग में विकास खंड सर्वेयर पद नौकरी लगवाने का झांसा देकर 78 हजार रुपए ऐंठ लिए। भरोसा में लेने के लिए उसने कहा था कि नौकरी नहीं लगी तो हुसडिय़ा चौराहे पर बुलाकर रुपए लौटा दूंगा। इंस्पेक्टर गोमतीनगर के मुताबिक, मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
