गाज़ीपुर पुलिस ने 08 मिनट में पहुँच कर बचाई आत्महत्या करने वाली युवती की जान

-डीजीपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई,पुलिस ने की अब तक 1132 व्यक्तियों के प्राणों की रक्षा

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ:मेटा के अलर्ट पर सक्रिय हुई गाज़ीपुर पुलिस ने मात्र 08 मिनट के अन्दर मौके पर पहुँच कर आत्महत्या करने वाली युवती की जानबचायी ।यह कार्रवाई डीजीपी राजीव कृष्ण के कड़े निर्देशों के बाद संपन्न हुई।इसको अमली जामा पहनाने में डीजीपी मुख्यालय की सोशल मीडिया सेन्टर की भी अहम् भूमिका थी।बीती 01 जनवरी 2023 से 10 जुलाई 2025 के बीच आत्महत्या करने की पोस्ट का संज्ञान लेकर यूपी पुलिस ने कुल 1132 व्यक्तियों के प्राणों की रक्षा की है ।

बतादे कि गाज़ीपुर जिले के थाना रामपुर मांझा की रहने वाली करीब 30 वर्षीय युवती ने अधिक मात्रा में दवाइयों को खाते हुए तथा गले पर कटे के निशान में से खून रिसता हुआ दिखाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था।इसको लेकर मेटा कंपनी ने मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेन्टर को ई-मेल के ज़रिए एलर्ट प्राप्त हुआ।जिसको तत्काल संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों को बताया गया।जिस पर
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने तत्काल कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए।इस पर सक्रिय हुई मुख्यालय की सोशल मीडिया टीम ने अलर्ट पर उपलब्ध कराये गये मोबाइल नम्बर के आधार पर तत्काल युवती की लोकेशन की जानकारी करके गाज़ीपुर जिले की पुलिस को प्रकरण से अवगत कराया।इस पर गाजीपुर जिले के थाना रामपुर मांझा के उप निरीक्षक महिला आरक्षी मात्र 08 मिनट में युवती के घर पहुंच गए एवं परिजनों से तत्काल युवती की जानकारी कर परिजन को लेकर युवती के पास पहुंचे, जहां युवती बिस्तर पर बेचैनी की दशा में थी। उसके गले पर ब्लेड से कटे हुए निशानों से खून रिस रहा था ।

उप निरीक्षक व महिला आरक्षी ने परिजनों के सहयोग से युवती को अविलम्ब नजदीकी चिकित्सक के पास ले जाकर उसका उपचार कराया गया। युवती की स्थिति सही होने पर उसे घर लाया गया । युवती के सामान्य होने पर उप निरीक्षक की टीम ने उससे जानकारी की गयी, तो उसने बताया कि वह गृहणी है, कुछ समय पूर्व उसकी डिलीवरी हुई थी । युवती के इलाज हेतु पति की सहमति से ही गांव में स्थित ग्रामीण वित्तीय स्वयंसमूह से पचास हज़ार की धनराशी ली गई थी, जिसकी क़िस्त उसके पति द्वारा ही दी जाती थी, किन्तु अब उसके पति न उससे फोन पर बात की जाती है ना ही क़िस्त दी जाती है ।

वित्तीय स्वयंसमूह द्वारा युवती से क़िस्त मांगी गई तो युवती ने पति से संपर्क करने की काफी कोशिश की गई लेकिन पति ने बात नहीं की, इस बात से बहुत आहत हो गई । इन्ही कारणों से मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान होकर अवसाद में युवती ने आत्महत्या करने के उद्देश्य से ऐसा कदम उठाया। पुलिस ने समय से पहुँच कर युवती को आत्महत्या करने से रोका एवं काउन्सलिंग की गयी, जिस पर युवती ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने का आश्वासन दिया गया। युवती के परिजनों ने थाने के पुलिसकर्मियों की तत्परता तथा उनके सहयोग को लेकर धन्यवाद दिया है ।

Aaj National

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