- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ:स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने तिलक मार्ग, स्थित कैम्प कार्यालय और पुलिस मुख्यालय गोमती
नगर विस्तार के प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।इस मौके पर डीजीपी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनायें देते हुए मुख्यालय में नियुक्त पुलिस कार्मिकों को पदक से अलंकृत किया ।डीजीपी ने उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह से रायबहादुर सिंह, उपनिरीक्षक, कानून व्यवस्था शाखा, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 व सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह से धीरेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक, परिवहन शाखा मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 व पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 का प्रसंशा चिन्ह-गोल्ड से अंकित कुमार, आरक्षी सुरक्षा शाखा, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 व पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह-सिल्वर से ओम प्रकाश गुप्ता, उपनिरीक्षक, कानून व्यवस्था शाखा, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 व अवधेश कुमार, आरक्षी, गोपनीय कार्यालय एसओ टू डीजीपी, मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 व बब्बन यादव, आरक्षी चालक, परिवहन शाखा मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 को अलंकृत किया ।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत हमारी मातृभूमि, भावभूमि और आत्मा है।इसके हर अंश में बलिदान की आभा है और भविष्य की आकांक्षा है और पुलिस उसकी अडिग प्रहरी है। स्वतंत्रता दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर मैं भारत और भारतीयता को अपना सर्वस्व मानने वाले हर नागरिक को, लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा को जीवन का धर्म मानने वाले हर भारत-भक्त को, और उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार के प्रत्येक साहसी प्रहरी तथा उनके गौरवशाली परिजनों को हृदय से शुभकामनाएं और ससम्मान अभिनंदन अर्पित करता हूं।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल राजनीतिक आज़ादी या मतदान का अधिकार भर नहीं है, बल्कि यह एक बहुआयामी अवधारणा है, जो व्यक्ति के मन और जीवन से भय, असुरक्षा, भेदभाव और अन्याय के सभी स्वरूपों को दूर करने से पूर्ण होती है।इस व्यापक और वास्तविक स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करती है, बल्कि नागरिकों के मन से भय को समाप्त कर उन्हें आत्मविश्वास और सुरक्षा का अनुभव कराती है। अपराध पर नियंत्रण, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा, साइबर अपराध पर अंकुश और आपात स्थितियों में त्वरित सहायता ये सभी कार्य स्वतंत्रता के उन पहलुओं को मजबूती देते हैं, जो केवल संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि नागरिक जीवन के मूलभूत आधार हैं।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने अपने सम्बोधन में कहा कि गर्व की बात है कि इस वर्ष, 17 पुलिस कार्मिकों को राष्ट्रपति का वीरता पदक, 06 को विशिष्ट सेवा पदक और 72 को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 763 पुलिस कर्मियों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक, 486 को उत्कृष्ट सेवा पदक, 44 को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न, 203 को सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न और 464 को पुलिस महानिदेशक का हीरक, स्वर्ण एवं रजत प्रशंसा चिह्न प्राप्त हुआ है।ये अलंकरण केवल धातु के प्रतीक नहीं, बल्कि आपके त्याग और तपस्या के अमर प्रमाण हैं। इन सभी अलंकृत साथियों और उनके गौरवशाली परिजनों को मेरी ओर से हार्दिक बधाई और अभिनंदन ।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने अपने सम्बोधन में कहा कि भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध हमारी जीरो टॉलरेंस नीति जमीनी हकीकत बन चुकी है।आज, संगठित अपराध की कमर टूट चुकी है। जो कल भय का पर्याय थे, आज भयभीत हैं। अपराधी बेहाल हैं, और आमजन खुशहाल हैं।यूपीएसटीएफ,एटीएस,एएनटीएफ और जिला पुलिस को विशेष बधाई, जिसने माफिया और संगठित अपराध के साम्राज्य को जड़ से उखाड़ फेंका है। मैने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक का पदभार ग्रहण करने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस हेतु दस प्राथमिकतों का निर्धारण किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस को श्रेष्ठतम पुलिस बनाने के लिये हमे अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट और अटूट बनाए रखना होगा। हम अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग रहेंगे, महिलाओं के सशक्तिकरण और संरक्षण को अपना मिशन बनाएंगे, और हर नागरिक की शिकायत को संवेदनशीलता व तत्परता से हल करेंगे।हम कानून-व्यवस्था को हर कीमत पर कायम रखेंगे, और साइबर अपराध के बढ़ते खतरे का मुकाबला अत्याधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति से करेंगे।हमारी पुलिस सेवाएँ न केवल बेहतर होंगी, बल्कि हर नागरिक के लिए भरोसेमंद बनेंगी।
