LUCKNOW_CRIME:दबंग मकान मालिक ने मजदूरों को पीटा दी जातिसूचक गालियां,क्लिक करें और भी खबरें

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ।राजधानी के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेहा गांव में एक निर्माणाधीन मकान में काम करने वाले मजदूरों की ओर से मकान मालिक पर जाति सूचक गालियां देने और मारपीट का आरोप लगाया गया हैं। मजदूरों का कहना है कि मकान मालिक ने जान से श्रेणी की धमकी भी दी है।इस संबंध में पीड़ित मजदूर श्यामू, पुत्र स्वर्गीय रामसेवक, निवासी सराय पांडे, बाराबंकी ने गोसाईगंज थाने में एक शिकायती पत्र देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

श्यामू ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि वह पिछले तीन महीनों से अपने साथी प्रमोद के साथ ग्राम बड़ेहा में अमित वर्मा नामक मकान मालिक के निर्माणाधीन मकान में मजदूरी का काम कर रहे थे। इस दौरान मकान मालिक ने उन्हें और उनके साथी को प्रतिदिन 10 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर करते रहे।शिकायत के अनुसार मकान मालिक ने अतिरिक्त समय में  किए गए कम के लिए कोई भुगतान नहीं किया । मजदूरों ने बकाया कि उन लोगों ने मजदूरी न  मिलने और लंबे कामकाजी घंटों का विरोध किया और  13 अगस्त 2025 से काम पर जाना बंद कर दिया। श्यामू के अनुसार, 21 अगस्त 2025 को अमित वर्मा ने उन्हें बकाया मजदूरी (800) देने के बहाने फोन करके अपने पास बुलाया। जब श्यामू और प्रमोद वहां पहुंचे, तो अमित वर्मा ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। श्यामू का आरोप है कि मकान मालिक ने उन्हें और उनके साथी को जातिसूचक गालियां दीं व, उनके साथ मारपीट की इसके अलावा श्यामू को दो थप्पड़ भी मारे। इतना ही नहीं, अमित वर्मा ने धमकी देते हुए कहा, भाग जाओ, नहीं तो तुम्हारी सारी गर्मी शांत कर देंगे। तुम हमें नहीं जानते, हमारे ऊपर पहले से कई मुकदमे हैं, पुलिस हमारा कुछ नहीं कर सकती। अगर तुमने पुलिस में शिकायत की, तो तुम्हें जान से मार देंगे। इस घटना के बाद श्यामू ने तत्काल डायल 112 पर अपनी शिकायत दर्ज की। इसके साथ ही, उन्होंने गोसाईगंज थाने में एक लिखित शिकायती पत्र देकर मकान मालिक अमित वर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। श्यामू ने अपने पत्र में अनुरोध किया है कि मकान मालिक के खिलाफ जातिसूचक गालियां देने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के लिए उचित कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि उन्हें और उनके साथी को न्याय मिल सके।

सत्तर लाख का सोना चोरी करने वाले चार गिरफ्तार
-पहले मालिक का जीता विश्वास फिर कर दिया हाथ साफ

राजधानी के  चौक थाना क्षेत्र से एक सोनार की दुकान से 700 ग्राम सोना चोरी करने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने हुसैनाबाद इंटर कॉलेज से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोने की दुकान में कारीगर का काम करता था और फिर तीन साल काम करने के बाद 8 अगस्त को अपने साथियों के साथ 700 ग्राम सोना लेकर गायब हो गया था।
चौक निवासी धर्मेंद्र ने 8 अगस्त को चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई की उनकी दुकान से करीब 700 ग्राम सोने के अधबने जेवर चोरी हो गए। जांच में सामने आया कि दुकान पर काम करने वाला कारीगर वजीरगंज निवासी अनिल चौधरी ही सोना लेकर फरार हो गया था। इसी आधार पर चौक पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। गुरुवार को हुसैनाबाद इंटर कॉलेज के पास से चार आरोपियों के गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान चौधरी गढैया वजीरगंज निवासी अनिल चौधरी (24), शीशमहल ठाकुरगंज निवासी यासिर हुसैन (27), शिवपुरी मुर्ग खाना निवासी मोहम्मद मजहर (30) और चौबे डेयरी के पास मडियांव निवासी उमेश कन्नौजिया (32) के रूप में हुई।

अफसरों की डांट से परेशान डॉककर्मचारी ने किया सुसाइड
-पोस्टम ऑफिस की छत पर लटका मिला कर्मचारी का शव

राजधानी के महानगर पोस्ट ऑफिस में ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) अंकित ने सुसाइड कर लिया। गुरुवार सुबह उसका शव पोस्ट ऑफिस की छत पर बने कमरे में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरूआती जांच में आया है कि बीते दिनों वरिष्ठ अधिकारियों ने पोस्ट ऑफिस का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने किसी बात को लेकर अंकित को बहुत डांटा था। तब से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इस वजह से उसने आत्महत्या की है।मृतक मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला था। कुछ समय पहले ही उसकी लखनऊ में तैनाती हुई थी। वह पोस्ट ऑफिस की छत पर बने कमरे में अकेले रहता था। वह पोस्ट ऑफिस की पहरेदारी भी करता था। स्टाफ के लोग बृहस्पतिवार सुबह
पोस्ट ऑफिस पहुंचे, तो वह नहीं दिखा। उसके कमरे पर गए तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखा, तो उसका शव फांसी के फंदे से लटक रहा था। स्टाफ ने इसकी अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी है वह शाम तक लखनऊ पहुंचेगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। मौजूद लोगो का कहना है कि कुछ दिनों पहले विभाग के अफसरों ने निरीक्षण किया था। इस दौरान अंकित को डांटा था। इसके साथ ही वो अपने परिवार कलह से भी जूझ रहा था। इसके बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। 13 दिनों की छुट्टी के बाद बुधवार को ड्यूटी जॉइन की थी। स्टाफ ने कहा कि अंकित खुश मिजाज स्वभाव का था। हमेशा हंसता रहता था। लोगों से भी हंसी-मजाक करता था। उसने यह कदम क्यों उठा लिया, समझ में नहीं आ रहा है। पुलिस ने अंकित की मौत की जानकारी उसके दोस्तों के द्वारा परिजनों को दी है।

जहर खाकर सीएम दरबार पहुंचा रिटायर्ड फौजी

-पुलिस ने आनन फानन में सिविल अस्पताल में कराया भर्ती इलाज जारी

गौतमपल्ली स्थित सीएम आवास में जनता दरबार के दौरान गुरुवार को एक रिटायर्ड फौजी पहुंचा। अंदर पहुंचते ही उसने वहां मौजूद लोगों से कहा- मैं जहर खाकर आया हूं। यह सुनकर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में रिटायर्ड फौजी को सिविल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल, उनकी हालत ठीक है। डॉक्टरों की देख रेख में उनका इलाज चल रहा है।
रिटायर्ड फौजी सत्यवीर गुर्जर (65) गाजियाबाद के लोनी के सिरौली इलाके के रहने वाले हैं। लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर की शिकायत लेकर सीएम योगी से मिलने लखनऊ आए थे। हालांकि, सीएम योगी आज जनता दरबार में नहीं थे। वहीं, पहले सूचना आई थी कि सत्यवीर ने जनता दरबार के अंदर ही जहर खाया। हालांकि, बाद में यह बात गलत निकली। सत्यवीर ने खुद बताया कि बाहर से जहर खाकर अंदर गया था। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी तबीयत स्थिर है। उन्होंने जहर खाया है, इसलिए 48 घंटे निगरानी में रखा जाएगा।
सत्यवीर के पास जो एप्लिकेशन मिली है, उसमें उन्होंने खुद को कारगिल योद्धा और पूर्व फौजी बताया है। सत्यवीर ने लोनी से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम योगी से सुरक्षा की गुहार लगाई।
सीएम योगी को लिखे लेटर में सब्जेक्ट की जगह सत्यवीर ने लिखा था कि अत्याचारी विधायक नंद किशोर गुर्जर द्वारा लोनी की जनता एक प्रार्थी के ऊपर दमन और अत्याचार किया है। मैं नंद किशोर गुर्जर के अत्याचारों से हार गया सत्यवीर ने कहा- कलश यात्रा के बाद से नंद किशोर गुर्जर मुझसे दुश्मनी रखने लगे। बिजली विभाग के एक्सईएन से कहकर मेरा 1.70 लाख रुपए बिजली का बिल भिजवा दिया। मेरा 50 हजार रुपए बिजली का बिल था, जो मैंने जमा कर दिया। नंद किशोर लोनी में दमनकारी नीति अपना रहे हैं। नंद किशोर ने चिरौड़ी के भगत सिंह की हत्या करवा दी थी। उस मामले में कुछ नहीं हुआ।  नंद किशोर मेरी और मेरे परिवार की हत्या कराना चाहते हैं। मैं आज सुबह मुख्यमंत्री जनता दरबार पहुंचा। अंदर जाने से पहले ही सल्फॉस खा लिया। देश के लिए दो युद्ध लड़ा और जीता, लेकिन देश के अंदर हार गया।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कुत्ते से हैवानियत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
-तीन लड़कों ने कुत्ते का बाइक में बांधकर दूर तक घसीटा, हजरतगंज कोतवाली में लिखित शिकायत देकर की गयी कार्रवाई की मांग

सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसे देकर लोग दंग रह गये। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि तीन किशोर एक बाइक पर सवार हैं। उन्होंने एक कुत्ते को रस्सी से बाइक के पीछे बांधा है। उसे कई किलोमीटर तक दौड़ाते रहे। रास्ते में एक राहगीर ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने उसकी बात भी नहीं सुनी और दौड़ाते रहे।
बिना हेलमेट, तीन सवारी और ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए ये किशोर सड़क पर कुत्ते के साथ क्रूरता करते रहे। संस्था की संस्थापक चारु खरे ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है। इंस्टाग्राम अकाउंट का भी जिक्र भी किया है, जहां वीडियो पोस्ट किया गया है। साथ ही उन्होंने मोटरसाइकिल का विवरण और वीडियो में दिख रहे लड़कों की पहचान से जुड़े सुराग सौंपे हैं। चारु का कहना है कि यह घटना न केवल पशु क्रूरता अधिनियम, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट का भी गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने वीडियो के माध्यम से पहचान करने का प्रयास शुरू कर दिया है। इंस्पेक्टर हजरतगंज विकरम सिंह का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

जलसाजो नें महिला से की ठगी

राजधानी के इंदिरानगर इलाके में दो शातिर जालसाजों ने मदद करने के बहाने पैसे निकालने एटीएम पर गईं महिला का डेबिट बदलकर महज 3 मिनट में 40 हजार रुपए की ठगी कर ली।

बताया जाता है कि महिला पहली बार एटीएम से पैसे निकालने पहुंची थी, जिसका फायदा उठाते हुए ठगों ने बड़े ही शातिराना तरीके से इस ठगी की वारदात को अंजाम दिया। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़िता ने गाजीपुर थाने पहुंचकर मामले में तहरीर देते हुए शिकायत दर्ज कराई। वहीं, पुलिस महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से शातिर ठगों की तलाश में जुट गई है।यह पूरी घटना सोमवार शाम की है। इंदिरा नगर के बी ब्लॉक चौराहे के पास साईं मंदिर के पीछे स्थित एसबीआई एटीएम में एक महिला ठगी का शिकार हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, इंदिरानगर के रहने वाले यतीश चंद्र कापरी की पत्नी पहली बार एटीएम से पैसे निकालने पहुंची थीं। तभी वहां पहले से मौजूद दो युवक मदद के बहाने उनसे बात करने लगे। इस दौरान महिला को भनक लगे बिना ही बड़ी ही चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। महिला को कार्ड बदलने का पता भी नहीं चला और वह घर लौट आईं।घर लौटने के बाद जब महिला ने बैंक एकाउंट का ट्रांजेक्शन चेक किया तो पता चला कि शाम करीब 7:24 से लेकर 7:27 के बीच महज तीन मिनट में 40 हजार रुपए निकाल लिए गए।

बताया जाता है कि महिला के अकॉउंट से 10-10 हजार रुपये करके रकम चार किस्तों में निकाली गई। एटीएम मशीन पर गार्ड न होने और महिला के अनुभवहीन होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने ठगी की वारदात को अंजाम दिया।घटना के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय गाजीपुर थाने में मामले की जानकारी देते हुए तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए एटीएम और आसपास के सीसी टीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन के जरिए खातों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पारिवारिक विवाद के चलते नहर में युवक नें लगाई छलांग
-एसडीआरएफ और गोताखोर मौके पर पहुंचे, युवक की तलाश शुरू

-नहर का बहाव तेज होने से खोजबीन में आ रही मुश्किलें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पारिवारिक विवाद के चलते कई बार लोगों द्वारा आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने के मामले सामने आते हैं। तेजी से घटित हो रहीं इन्हीं घटनाओं के बीच लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र में गुरुवार को ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 32 वर्षीय दिलीप कुमार ने पारिवारिक विवाद और तनाव के चलते इंदिरा नहर में छलांग लगाकर जान देने का प्रयास किया।बताया जाता है कि युवक देर रात अपनी ‘आर्मी’ लिखी आई 10 कार के साथ नहर किनारे पहुंचा और घंटों वहीं खड़ा रहा। सुबह उसने अपनी पत्नी रंजीता और जीजा राजेश को नहर किनारे बुलाया। परिजनों ने काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन दिलीप अचानक गाड़ी का दरवाजा खोलकर नहर में कूद गया। घटना की सूचना पर स्थानीय थाने की पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और गोताखोर मौके पर पहुंचकर युवक की तलाश में जुटे हुए हैं।
गुरुवार सुबह इंदिरा नहर के रेगुलेटर के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब इस्माइल गंज सेक्टर-8 इंदिरा नगर के रहने वाले दिलीप कुमार ने अपनी कार से उतरकर अचानक छलांग लगा दी। कार पर ‘आर्मी’ लिखा था, जिससे राहगीरों को लगा कि कोई आर्मी कर्मी है। दिलीप के जीजा राजेश ने बताया कि सुबह दिलीप ने उन्हें फोन करके इन्दिरग नहर के पास गाड़ी लेने के लिए बुलाया था। थोड़ी देर बाद पत्नी रंजीता और भाई मोहित भी वहां पहुंचे। पारिवारिक विवाद को सुलझाने की बात कहते हुए परिजनों ने काफी देर तक दिलीप को समझाने का प्रयास किया लेकिन दिलीप नहीं माना और अचानक कार का दरवाजा खोलकर नहर में छलांग लगा दी।इंदिरानहर में छलांग लगाने वाले दिलीप के भाई मोहित ने बताया कि बुधवार रात दिलीप दुकान बंद करने के बाद मूवी देखने गया था। वह शराब के नशे में था और घर नहीं लौटा। पत्नी से पारिवारिक विवाद के कारण वह तनाव में था। सुबह जब उसकी लोकेशन इंदिरा नहर पर मिली तो पत्नी रंजीता और जीजा राजेश वहां पहुंचे। बीबीडी थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मौके पर परिजनों की मौजूदगी के बावजूद दिलीप ने अचानक यह कदम उठा लिया।घटना की सूचना मिलते ही गाजीपुर व बीबीडी थाना पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोर मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू कर दी। नहर का बहाव तेज होने से खोजबीन में मुश्किलें आ रही हैं। परिवार में पत्नी रंजीता, तीन साल की बेटी रितिका और दो साल का बेटा सार्थक है। घटना के बाद घर का माहौल बेहद गमगीन है। पुलिस ने बताया कि वैधानिक कार्रवाई जारी है और खोज अभियान तब तक चलेगा जब तक युवक का पता नहीं चलता।

दो तस्करों के कब्जे से बरामद हुआ 66.938 किलोग्राम अवैध गांजा

राजधानी के मानकनगर थाना पुलिस ने कनौसी फ्लाईओवर के पास चेकिंग के दौरान गुरुवार को दो शातिर गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान गांजा तस्करों के कब्जे से 66.938 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराज्यीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 33 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके साथ ही दो मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और 3100 नकद भी जब्त किए गए है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पश्चिम बंगाल से गांजा लाकर दिल्ली में सप्लाई करते थे।
बताया जाता है कि मानकनगर पुलिस ने गुरुवार को कनौसी फ्लाईओवर ढलान के पास संदिग्ध व्यक्ति व वस्तु चेकिंग के दौरान आजमगढ़ के रहने वाले 35 वर्षीय अनिल कुमार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले 34 वर्षीय प्रदीप मोदक नाम के दो तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से छह बैगों में भरा हुआ गांजा बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार पूर्वी भारत से लेकर दिल्ली तक फैले हुए हैं।पुलिस की ओर से आरोपी तस्करों से हुई पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे पश्चिम बंगाल के न्यू कूच बिहार स्टेशन पर रामदरश नाम के गांजा सप्लायर से गांजा प्राप्त करते थे, जिसके बाद इसे दिल्ली में वसीम नाम के शख्स को सौंपते थे। तस्करों ने बताया कि इसके बदले में उन्हें मोटा मुनाफा मिलता था। इस बार ट्रेन लेट होने के कारण वे बस से जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ लिया।गिरफ्तार दोनों तस्करों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बरामद गांजे को सील कर विधिक प्रक्रिया पूरी की। अधिकारियों ने बताया कि रामदरश और वसीम की तलाश में टीमें भेजी गई हैं।

Aaj National

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