- REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 26 अगस्त 2025 को एयर इंडिया
एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 105 से बैंकॉक से आए दो यात्रियों को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। दोनों के पास से 23.935 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 24 करोड़ रुपये है।डीआरआई को मिली विशेष सूचना के आधार पर यात्रियों को विमान से उतरते ही रोका गया। पूछताछ में उन्होंने चेक-इन बैग में गांजा होने की बात कबूल की। तलाशी में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद उसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों को 27 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
साईं स्पोर्ट्स सेंटर में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ,दिनेश शर्मा बोले- अब प्रतिभाओं का हो रहा सम्मान
सरोजनीनगर के साई स्पोर्ट्स सेंटर में शुक्रवार को पूर्व डिप्टी सीएम व राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने सांसद खेल महोत्सव के रजिस्ट्रेशन का
शुभारंभ किया। उन्होंने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम शुरू किया।दिनेश शर्मा ने कहा कि पहले खिलाड़ियों के चयन में भेदभाव के कारण भारत मेडल जीतने में पिछड़ता था, लेकिन अब प्रतिभाओं को उचित मौका मिल रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत लगातार पदक जीत रहा है। उन्होंने बताया कि यह महोत्सव 21 सितंबर से 25 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें सभी वर्गों के लोग हिस्सा ले सकेंगे।कार्यक्रम में ओलंपिक पदक विजेता ललित उपाध्याय और मणिपुर के हॉकी खिलाड़ी काथा सिंह को सम्मानित किया गया। साई स्पोर्ट्स सेंटर के पदक विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। मनोरंजन के तहत हाउसकीपिंग और हॉर्टीकल्चर स्टाफ के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता हुई, जिसमें हाउसकीपिंग टीम ने 2-1 से जीत हासिल की।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर निर्माण सामग्री की चोरी,बंथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज, पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप
थाना बंथरा क्षेत्र में लखनऊ-कानपुर रोड पर निर्माणाधीन एलिवेटेड हाईवे के पिलर नंबर 107 से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा भारी मात्रा में निर्माण
सामग्री चोरी होने का मामला सामने आया है। पीएनसी इन्फ्राटेक कंपनी में फील्ड ऑफिसर के पद पर तैनात चन्द्रदेव मिश्रा, निवासी अढ़नपुर, थाना शहीद भाले सुल्तान, जनपद अमेठी, ने बताया कि 27 जुलाई 2025 की रात को यू-जैक 470 पीस, वर्टिकल पाइप 168 पीस, लेजर पाइप 1500 एमएम 168 पीस, लेजर पाइप 950 एमएम 112 पीस, एमएस स्टूल 10 पीस, वेल्डिंग केबल 130 मीटर, वेल्डिंग मशीन 1, और पुलिंग प्लेट 2 पीस चोरी हो गए।चन्द्रदेव मिश्रा ने बताया कि सामान की जांच के दौरान चोरी का पता चला और इस घटना का वीडियो फुटेज उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने थाना बंथरा में शिकायत दर्ज की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
थाने में अल्यूमिनियम फॉयल रोल चोरी का मामला दर्ज
सरोजनीनगर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें कमला पसंद फैक्ट्री में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत आदेश सैनी ने तीन
अल्यूमिनियम फॉयल रोल चोरी होने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, 26 अगस्त 2025 को नार्थ स्टार पैकेजिंग कंपनी, कानपुर देहात से गाड़ी नंबर UP 78 KT 2123 द्वारा 2514 किलोग्राम वजन के 50 बंडल अल्यूमिनियम फॉयल रोल मंगवाए गए थे, लेकिन फैक्ट्री में केवल 47 बंडल ही प्राप्त हुए। शेष तीन बंडल रोल के गायब होने का आरोप गाड़ी के ड्राइवर अभिषेक, निवासी रविदासपुरम, कानपुर, और फैक्ट्री के सुपरवाइजर अप्रित तिवारी, निवासी उतोली, बदायूं, तथा रिषभ सिंह, निवासी कानपुर, पर लगाया गया है।आदेश सैनी ने थाना प्रभारी, सरोजनीनगर से अनुरोध किया है कि गायब रोल बरामद करवाए जाएं और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और रोल की बरामदगी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यूरिया खाद की किल्लत से किसान बेहाल,मचा हाहाकार, जिम्मेदार चुप
सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र के ग्रामीण किसान इन दिनों यूरिया खाद की भारी कमी से जूझ रहे हैं,जिसको लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
समितियों और वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक न होने के कारण अधिकांश किसान खाद की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। खरीफ फसल के मौसम में धान की बुआई और सिंचाई के लिए यूरिया की सख्त जरूरत है, लेकिन उपलब्धता न होने से किसानों की फसलें खतरे में पड़ गई हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि वे घंटों लाइन में लगकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर जबरन अतिरिक्त दवाएं या कीटनाशक थोपे जा रहे हैं।इस समस्या की जड़ें गहराई तक फैली हुई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बार-बार दावा किया जा रहा है कि राज्य में यूरिया की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। कृषि मंत्री सुरेश कुमार शाही ने हाल ही में कहा कि अप्रैल 2025 से अब तक राज्य में 37.97 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध था, जिसमें से 6 लाख मीट्रिक टन का उपयोग हो चुका है। मंत्री ने कालाबाजारी को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में सख्त निगरानी का आश्वासन भी दिया। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।गोसाईंगंज इलाके से आई रिपोर्ट्स में किसान लंबी कतारों में इंतजार करते नजर आ रहे हैं, और कई जगहों पर यूरिया की कमी के कारण विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।
सरोजनीनगर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी विकट है। किसानों ने शिकायत की है कि फुटकर विक्रेता 45 किलो की बोरी को 340 से 450 रुपये तक में बेच रहे हैं, जो सरकारी दर से कहीं ज्यादा है। कुछ जगहों पर यूरिया के साथ जबरन फंगस की दवाएं थोपी जा रही हैं, जिससे 300 रुपये की बोरी 400 रुपये में पड़ रही है।मजेदार बात यह है कि समाज सेवा का दावा करने वाले स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। गांव स्तर से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक के नेता, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के, किसानों की इस समस्या को नहीं उठा रहे हैं और न ही सार्वजनिक रूप से बोल रहे हैं। यूरिया की भारी कमी से किसान बेहद परेशान हैं। सोसाइटी में जाते हैं तो पता चलता है कि खाद आई थी लेकिन पहले ही ले ली गई। कोई बताता नहीं कि कहां गई। यूरिया धान की फसल के लिए जीवनरेखा है, बिना इसके उत्पादन बर्बाद हो जाएगा। पूरे राज्य में अफरा-तफरी मची है।सरोजनीनगर जैसे स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।अब जबकि किसानों की जरूरत चरम पर थी, तब ये नेता नदारद थे। लेकिन अब कुछ छुटभैया नेता सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे हैं कि क्षेत्र की समितियों में खाद उपलब्ध है। फेसबुक और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट डालकर वे अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन किसान पूछ रहे हैं कि जब लाइनें लगी थीं और स्टॉक खत्म हो रहा था, तब ये कहां थे, एक स्थानीय किसान नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “चुनाव के समय तो किसान भाई-भाई, लेकिन मुसीबत में कोई नहीं आता।
राजेश्वर सिंह ने फूड एंड बेकरी एक्सपो-2025 का शुभारंभ किया,यूपी को ‘बेकरी कैपिटल’ बनाने का नीति प्रस्ताव
अवध शिल्पग्राम में शुक्रवार को शुरू हुए तीन दिवसीय फूड एंड बेकरी एक्सपो-2025 का उद्घाटन डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया। डॉ. सिंह ने उत्तर प्रदेश को ‘भारत की बेकरी कैपिटल’ बनाने का विजन पेश करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘बेकरी एवं प्रसंस्कृत खाद्य नीति 2025’ प्रस्ताव भेजा। इसमें हर जिले में फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर, सिंगल विंडो लाइसेंस, MSME व महिला उद्यमिता प्रोत्साहन, कौशल विकास, और निर्यात हेतु APEDA साझेदारी जैसे कदम शामिल हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि भारत में केवल 6% खाद्य उत्पाद प्रोसेस होते हैं, जिसे सरकार 20% तक ले जाना चाहती है। यह नीति यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने और वैश्विक स्तर पर बेकरी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरोजनीनगर में जलभराव से मच्छरों का आतंक डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा,फॉगिंग न होने से गांवों, कस्बों के लोगों में आक्रोश
सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र के गांवों, कस्बों में बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव की स्थिति ने स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य
संकट पैदा कर दिया है। सड़कों, गलियों और नालियों में जमा पानी मच्छरों और अन्य कीटाणुओं के प्रजनन का केंद्र बन गया है, जिससे मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। हालात इतने चिंताजनक हैं कि कुछ लोग इन बीमारियों की चपेट में भी आ चुके हैं। इसके बावजूद, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से अभी तक फॉगिंग मशीन या दवा छिड़काव जैसे कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।बरसात के मौसम में सरोजनीनगर के कई इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी जमा हो गया है। गलियों, नालियों और खाली प्लॉटों में भरा पानी मच्छरों के लार्वा के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है। विशेष रूप से एडीज मच्छर, जो डेंगू का वाहक है, साफ और स्थिर पानी में तेजी से पनप रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि रात में सोना मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को मच्छरों के काटने से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से मच्छरों और बीमारियों पर नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। न तो फॉगिंग मशीन से दवा का छिड़काव किया जा रहा है और न ही एंटी-लार्वा दवाओं का उपयोग हो रहा है। एक स्थानीय निवासी, रमेश कुमार ने बताया, “पिछले कई हफ्तों से जलभराव की समस्या है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। मच्छरों की वजह से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, और डेंगू का डर सता रहा है।चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या में वृद्धि से मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। डेंगू के लक्षण जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी कुछ मरीजों में देखे गए हैं। सरोजनीनगर सीएचसी के एक चिकित्सक ने बताया कि बुखार और अन्य लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन जांच और उपचार की सुविधाएं सीमित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द ही फॉगिंग और दवा छिड़काव जैसे कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
लोगों में आक्रोश, प्रशासन मौन
जलभराव और मच्छरों के प्रकोप से त्रस्त लोग प्रशासन की लापरवाही से बेहद नाराज हैं। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एक सामाजिक कार्यकर्ता, अनीता सिंह ने कहा, “हमने कई बार नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो हमें सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
आवश्यक कदम और सुझाव
स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इनमें शामिल हैं:नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव।नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाना।कूलर, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी को हटाने के लिए नियमित जांच।सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में जलभराव और मच्छरों के प्रकोप ने आम लोगों के लिए स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने के बावजूद प्रशासन की उदासीनता चिंता का विषय है। अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और विकराल हो सकती है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन तुरंत फॉगिंग, दवा छिड़काव और सफाई अभियान शुरू करे ताकि इस संकट से निपटा जा सके। इस संबंध में बात करने के लिए सरोजनीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक चंदन यादव से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास कई बार किया लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी, लगातार मोबाइल व्यस्त जा रहा था। वैसे भी अधीक्षक चंदन यादव मोबाइल फोन बहुत कम ही उठाते हैं, जिसकी वजह से आम लोगों से लेकर राजनीतिक व अन्य संस्थाओं से जुड़े नागरिकों में उनकी इस हरकत से नाराज़गी है।
