-राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना,29 नवम्बर तक नामांकन, 15 अक्टूबर को मतदान ,मतगणना 17 अक्टूबर को
- REPORT BY:K.K.VARMA || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK
लखनऊ ।राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में नगर पालिका परिषद के अन्तर्गत रिक्त 5 सदस्य पदों एवं 1 अध्यक्ष पद पर उपनिर्वाचन हेतु अधिसूचना जारी कर दी है। नगर पालिका परिषद की जिन निकायों में 5 सदस्यों एवं 1 अध्यक्ष पद पर उपचुनाव होने है, उसमंे ललितपुर जिले की नगर पालिका परिषद ललितपुर में अध्यक्ष पद, अमेठी जिलें की नगर पालिका परिषद जायस के वार्ड संख्या 14 में सदस्य, बिजनौर जिले की नगर पालिका परिषद हल्दौर के वार्ड संख्या 13 में सदस्य, उन्नाव जिलें की नगर पालिका परिषद उन्नाव के वार्ड संख्या 26 में सदस्य, गाजिपुर जिलें की नगर पालिका परिषद जमनियाँ के वार्ड संख्या 1 में सदस्य तथा मेरठ जिलें की नगर पालिका परिषद सरधना के वार्ड संख्या 15 में सदस्य का उपचुनाव होना है।
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में 19 से 29 सितम्बर तक पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3
राज्य ललित कला में प्रदर्शनी का आयोजन
राज्य ललित कला अकादमी में कला प्रदर्शनी का शुभारंभ आज अपराह्न 5 बजे लाल बारादरी कैसरबाग स्थित अकादमी की कला दीर्घा में किया गया।प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि एलयू की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने किया। मंत्री संस्कृति एवं पर्यटन जयवीर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी में आमंत्रित कलाकार भारत भूषण शर्मा की “गजाननम्” और प्रतिमा पाण्डेय की “अनाहत नाद राम” शीर्षक कृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। शुभारंभ कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा, निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री, अकादमी के पूर्व अध्यक्ष सीताराम कश्यप, अकादमी के नामित सदस्य तथा अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
“भूकंप, औद्योगिक रासायनिक और आग के खतरे” पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज़ का आयोजन
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 34 जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की सहभागिता में आज भूकंप के प्रति संवेदनशील प्रदेश के 34
जनपदों की 157 तहसीलों में एक साथ “भूकंप, औद्योगिक रासायनिक और आग के खतरे” पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज़ का आयोजन किया गया।मॉक एक्सरसाइज़ सुबह 10 बजे राज्य नियंत्रण कक्ष से शुरू हुई। अलर्ट मिलने पर, जनपदों द्वाराजिला आपात कालीन परिचालन केंद्र में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया को सक्रिय किया और घटना प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय किया। जनपदों ने तहसील स्तर पर विभिन्न परिदृश्यों जैसे भूकंप आपदा अग्निकांड एवं औद्योगिक दुर्घटना का अभ्यास किया गया। जनपद के अस्पतालों में प्राथमिक चिकित्सा उपचार, मरीजों के लिए बेड की कमी होने पर तत्काल त्वरित चिकित्सकीय सहायता हेतु फील्ड हॉस्पिटल भी स्थापित कर मरीजों का उपचार करने की कार्यवाही का भी प्रदर्शन किया गया ।
मॉक एक्सरसाइज़ के दौरान सभी 34 जनपदों ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राजस्व विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पुलिस (रेडियो), नागरिक सुरक्षा विभाग, औद्योगिक क्षेत्रों के सेफ़्टी टीम, आपदा मित्रों के समन्वय से अपनी-अपनी तहसीलों में सम्पन्न कराया गया ।प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम, (से.नि.) द्वारा अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा प्रबंधन की कार्यवाहियों को सुदृढ़ करने हेतु जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणोंके साथ मॉक एक्सरसाइज कराया जाता है, जिसके माध्यम से राज्य स्तर पर प्रत्येक विभाग और उसके जिलों की आपदा प्रबंधन योजना की समीक्षा की जाती है तथा जिले में आपातकालीन सहायता कार्यों के बीच समन्वय का निरीक्षण किया जाता है। मीडिया को सम्मिलित करके व्यापक रूप से आम जनमानस में जन-जागरूकता की कार्यवाही भी की जाती है तथा यदि संसाधनों, जनशक्ति, संचार, प्रतिक्रिया क्षमताओं आदि में कोई अंतरालहो तो उसकी पहचान कर उसे मजबूत करने मे इस प्रकार के मॉक एक्सरसाइज से सहायता भी मिलती है।
गुणवत्तायुक्त फसलों के उत्पादन से विकसित होगा भारत -दिनेश प्रताप
का निर्माण करने में सहायक सिद्ध होगा। कृषि क्षेत्र में नवाचार से किसान उन्नति करेंगे। पारंपरिक खेती के साथ औद्यानिक व व्यावसायिक खेती में असीमित संभावनाएं हैं। यह बातें उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने एमिटी यूनिवर्सिटी द्वारा दो दिवसीय कृषि खाद्य संगोष्ठी के समापन समारोह में कहीं।उद्यान मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान मेहनत, तकनीकी और सरकार के सहयोग से औद्योनिक खेती कर आर्थिक रूप से सम्पन्न हो रहे हैं। औद्यानिक उपज के साथ प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी लाभ लेने के लिए सरकार अनुदान दे रही है। कम क्षेत्रफल में अधिक उपज और उसका सही ढंग से प्रसंस्करण किया जाए तो आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश से आत्मनिर्भर भारत बनाने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की एक नई पहल के तहत घरों की छतों पर एवं गमलों में जैविक सब्जियां, फल, फूल आदि की पैदावार की जा सकेगी, इसके लिए उद्यान विभाग नागरिकों व बागवानों को प्रशिक्षण देने में तथा बीज से बाजार तक की उपलब्धता हेतु हर संभव सहयोग करेगा।
