LUCKNOW:यूपी में कम हुए अपराध,बेहतर प्रबंधन व पुलिस की कड़ी मेहनत लाई रंग

-एनसीआरबी के आकड़ों में हत्या, हत्या का प्रयास,शील भंग,फिरौती हेतु अपहरण, दुष्कर्म,बलवा, नकबजनी, लूट,डकैती,POCSO Act, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, बच्चों के विरुद्ध अपराध में आई कमी,यूपी की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर

  • REPORT BY:AAJ NATIONAL NEWS  || EDITED BY:AAJ NATIONAL NEWS DESK 

लखनऊ:यूपी में अपराधों में भारी कमी हुई है यह कमी हुई है।यह सरकार का कुशल प्रबंधन और यूपी पुलिस की कड़ी मेहनत से संभव हो सका है । हत्या, हत्या का प्रयास,शील भंग,फिरौती हेतु अपहरण, दुष्कर्म,बलवा, नकबजनी, लूट,डकैती,POCSO Act, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, बच्चों के विरुद्ध अपराध में आई कमी से यूपी की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है ।एनसीआरबी द्वारा प्रकाशित क्राइम इन इण्डिया 2023 के अनुसार  भारतवर्ष का क्राइम रेट 270.3 के सापेक्ष उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट 181.3 है। जबकि जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश की आबादी देश की आबादी का 16.98 प्रतिशत है।

अपराध की स्थिति को समझने के लिए क्राइम रेट एक बेहतर एवं विश्वसनीय संकेतक है।एनसीआरबी के मुताबिक वर्ष 2023 का सम्बन्धित वर्ग की प्रति एक लाख जनसंख्या के सापेक्ष अपराधों की संख्या को अपराध दर के रूप में परिभाषित किया गया है।गंभीर अपराधों की स्थिति देखें तो बेहतर है ।हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, फिरौती हेतु अपहरण, बलात्कार, पॉक्सो अधिनियम जैसे अपराधों में यूपी का स्थान 20वें से नीचे, यानी कम अपराध दर वाले राज्यों में है।वही महिला एवं बाल अपराध में अपराधों की दर राष्ट्रीय औसत से नीचे है ।इन अपराधों की रोकथाम के लिए मिशन शक्ति अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।बड़े क्षेत्रफल और आबादी के बावजूद अपराध दर कम होना, राज्य की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।

राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो नई दिल्ली के अध्यावधिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में विभिन्न अपराध शीर्षकों में देश के 28 राज्य एवं 08 केन्द्रशासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो कुल अपराध भारत में : 37,63,102 हुए है जिनका क्राइम रेट 270.3 है ।वही उत्तर प्रदेश में 4,28,794 हुए है ,इनका क्राइम रेट 181.3 है।जिसमे से  स्थान: 20वाँ है ।यूपी का क्राइम रेट राष्ट्रीय औसत से काफ़ी कम।वही हत्या को देखें तो भारत में 27,721 हुई है ।इनका क्राइम रेट 2.0 है ।इसमें से उत्तर प्रदेश में  3,206 हुई है ,जिनका  क्राइम रेट 1.4 है ।यूपी का स्थान 29वाँ है ।यूपी हत्या दर में देश के सबसे कम अपराध दर वाले राज्यों में है ।

हत्या का प्रयास भारत में  56,549 अपराध हुए इनमे से क्राइम रेट 4.1 है ।उत्तर प्रदेश में  3,312 अपराध हुए इनका क्राइम रेट 1.4 है ,यह देश में 30वाँ स्थान है,इसकी दर  राष्ट्रीय औसत से एक-तिहाई है ।शील भंग के मामलों को देखें तो भारत में 83,891अपराध हुए है, इनका क्राइम रेट 12.4 है ।उत्तर प्रदेश में  9,453 अपराध हुए है,जिनका क्राइम रेट 8.3 है ।इसमें स्थान 19वाँ है ,इसकी अपराध दर राष्ट्रीय औसत से नीचे है ।फिरौती हेतु अपहरण के मामलों को देखें तो भारत में 615 अपराध हुए है,इनका क्राइम रेट ~0.0 है । उत्तर प्रदेश में 16 अपराध हुए है ,इनका क्राइम रेट ~0.0 है , फिरौती हेतु अपहरण के मामलों में 36वाँ स्थान है जो देश में सबसे कम अपराध दर वाले राज्यों में है ।

दुष्कर्म के मामले में देखें तो भारत में 29,670 अपराध हुए है ,जिनका क्राइम रेट 4.4 है ।उत्तर प्रदेश में  3,516 मामले हुए है ,इनका क्राइम रेट 3.1 है ।इसमें 22वाँ स्थान है ।जिनकी अपराध दर राष्ट्रीय औसत से नीचे है ।बलवा के मामले भारत में 39,260 हुए है, इनका क्राइम रेट 2.8 है ।उत्तर प्रदेश में 3,160 अपराध हुए है इनका क्राइम रेट 1.3 है,यह 20वें स्थान पर है ,इसमें अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है ।वही नकबजनी के मामले  भारत में 1,07,573 हुए है ,इनका क्राइम रेट 7.7 है । उत्तर प्रदेश में 6,968 अपराध हुए है इनका क्राइम रेट 2.9 है ,जो देश में  34वाँ स्थान है ,इसमें यूपी की स्थिति देश में बेहद बेहतर।लूट के मामलों को देखें तो भारत में 26,599 अपराध हुए है ,इनका क्राइम रेट 1.9 है जबकि उत्तर प्रदेश में 1,354अपराध हुए है इनका क्राइम रेट 0.6 है यह देश में 26वाँ स्थान है ,यह अपराध राष्ट्रीय औसत का लगभग एक-तिहाई है ।

डकैती के मामले भारत में 3,792 हुए है ,इनका क्राइम रेट 0.3 है ।उत्तर प्रदेश में 73 प्रकरण हुए है,इनका क्राइम रेट ~0.0 है यह  36वें स्थान ओअर है ,इसमें यूपी करीब निकट जीरो क्राइम रेटकी श्रेणी में सामने आया है ।POCSO Act के अपराध को देखें तो भारत में 67,694 मामले हुए है जिनका क्राइम रेट 15.2 है ,उत्तर प्रदेश में 8,706 अपराध हुए इनका क्राइम रेट 10.2 है ।जिसमें  24वाँ स्थान है ,इसमें अपराध दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है ।महिलाओं के विरुद्ध अपराध कुल भारत में 4,48,211 हुए है इनका क्राइम रेट 66.2 है ।उत्तर प्रदेश में 66,381 अपराध हुए है इनका क्राइम रेट 58.6 है।इसमें प्रदेश  17वें स्थान पर है ,अपराध दर राष्ट्रीय औसत से नीचे है ।बच्चों के विरुद्ध अपराध कुल भारत में 1,77,335 हुए है, जिनका  क्राइम रेट 39.9 है ।वही उत्तर प्रदेश में 18,852 अपराध हुए है ,इनका क्राइम रेट 22.1 है ,यह 29वाँ स्थान है ,बच्चों के विरुद्ध अपराध दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है ।

मुख्यमंत्री के गतिशील नेतृत्व तंत्रगत सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम-  राजीव कृष्णा

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक  राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के तहत अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को सख़्ती से लागू किया गया है।प्रदेश में अपराध दर में आई गिरावट, मुख्यमंत्री के गतिशील नेतृत्व में निरंतर प्रयासों और तंत्रगत सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम है।डीजीपी ने बताया कि डाटा-आधारित मैक्रो और माइक्रो रणनीतियाँ, डाटा एनालिटिक्स तथा अपराध पैटर्न के अनुसार पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल्स की तैनाती ने चोरी, लूट और डकैती जैसी वारदातों में उल्लेखनीय कमी लाने में मदद की है।उन्होंने कहा, “यूपी-112 की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली ने विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में पुलिस हस्तक्षेप का समय काफी घटाया है, जिसका सीधा असर सड़क अपराधों पर पड़ा है।डीजीपी ने बताया कि निजी सुरक्षा अलार्म सिस्टम को यूपी-112 इमरजेंसी ऑपरेटिंग कमांड सेंटर से जोड़ने से औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा और मज़बूत हुई है तथा आपात स्थितियों में पुलिस प्रतिक्रिया और तेज़ हो पाई है।उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सीसीटीवी कैमरों का बड़े पैमाने पर इंस्टॉलेशन किया गया है, जिससे निगरानी क्षमता बढ़ी है और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा है।महिला सुरक्षा के उपायों पर कहा कि प्रदेश पुलिस प्रमुख ने एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स  के प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “संवेदनशील स्थानों पर एआरएस टीमों की तैनाती से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और सड़कों पर एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हुआ है।डीजीपी ने  कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस और अभियोजन विभाग के समन्वय से अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने पर विशेष बल दिया गया है। इससे अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न हुआ है और आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास और भी मज़बूत हुआ है।

Aaj National

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